Jharkhand INFACTNews

Jharkhand: झारखंड में बदहाल सड़क व्यवस्था की दर्दनाक तस्वीर, गर्भवती महिला को खाट पर लादकर 4 किलोमीटर ले गए ग्रामीण

साहिबगंज: झारखंड के संताल परगना में सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत मोतीपहाड़ी बड़ा पंचायत के पोड़ैया बेड़ो गांव में सड़क नहीं होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान खाट पर लादकर करीब चार किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा। गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खाट पर उठाकर पोड़ैया संथाली गांव पहुंचाया। वहां से टोटो के जरिए उन्हें बोरियो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर भर्ती कराया गया।

प्रसव पीड़ा शुरू होने पर बुलाई गई थी एंबुलेंस

जानकारी के अनुसार, पोड़ैया बेड़ो गांव निवासी बुधना पहाड़िया की 19 वर्षीय पत्नी सुकुरमुनी पहाड़िन को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर मदद मांगी। लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति और गांव तक पहुंचने का रास्ता नहीं होने के कारण एंबुलेंस वहां नहीं पहुंच सकी।इसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाकर कीचड़ भरे रास्ते से करीब चार किलोमीटर तक ढोया। काफी मशक्कत के बाद उन्हें पोड़ैया संथाली गांव पहुंचाया गया, जहां से टोटो के माध्यम से बोरियो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

सड़क निर्माण की मांग के बावजूद समस्या बरकरार

ग्राम प्रधान चांदू मालतो के अनुसार, गांव तक सड़क निर्माण कराने के लिए कई बार आवेदन दिए गए और आंदोलन भी किए गए। इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

जिला प्रशासन से पक्की सड़क बनाने की मांग

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पोड़ैया बेड़ो गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि एंबुलेंस सहित अन्य वाहन गांव तक पहुंच सकें और जरूरत के समय लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद भी दूरदराज के आदिवासी बहुल इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पोड़ैया बेड़ो की यह घटना बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button