रांची: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में रिनपास में चिकित्सा सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में संस्थान में 20 बेड की इंडोर बाल एवं किशोर चिकित्सा इकाई स्थापित करने सहित कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही डीपीएन कोर्स, साइकाइट्रिक नर्सिंग क्लास और डीएम-एमडी साइकाइट्री की पढ़ाई दोबारा शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
20 बेड की बाल एवं किशोर चिकित्सा इकाई स्थापित करने पर चर्चा
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिनपास में 20 बेडेड इंडोर चाइल्ड एंड एडोलसेंट यूनिट की स्थापना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संस्थान की वर्तमान सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई।बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई, सहायक निदेशक मिथिलेश चौधरी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
100 बेड के साइकेट्रिक रेजिडेंशियल शेल्टर होम की समीक्षा
बैठक के दौरान रिनपास में संचालित 100 बेडेड साइकेट्रिक रेजिडेंशियल शेल्टर होम की स्थिति और उपलब्ध क्षमता की भी जानकारी ली गई। अपर मुख्य सचिव ने संस्थान में मौजूद संसाधनों और मौजूदा व्यवस्थाओं का आकलन करते हुए आवश्यक सुधार और विस्तार की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।उन्होंने उपलब्ध क्षमता के बेहतर उपयोग और मरीजों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
दोबारा शुरू होगा डीपीएन कोर्स, साइकाइट्रिक नर्सिंग की कक्षाएं चलाने का निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने रिनपास में डीपीएन (डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक नर्सिंग) कोर्स को दोबारा शुरू करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने और सभी जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा संस्थान में साइकाइट्रिक नर्सिंग की कक्षाएं फिर से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा गया।
डीएम और एमडी साइकाइट्री की पढ़ाई शुरू करने पर जोर
बैठक में बाल चिकित्सा और जेरिएट्रिक मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने डीएम और एमडी-साइकाइट्री की पढ़ाई दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य व्यवस्थाएं विकसित करने का निर्देश दिया।इससे मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वीकृत और कार्यरत पदों का होगा पुनर्मूल्यांकन
रिनपास में स्वीकृत और वर्तमान में कार्यरत पदों की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने सभी पदों का पुनर्मूल्यांकन कर संस्थान की वर्तमान जरूरत के अनुसार रिस्ट्रक्चरिंग का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।उन्होंने संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक मानव संसाधन का आकलन कर उसी के अनुरूप पदों का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
सुपर स्पेशलाइजेशन कोर्स शुरू करने की तैयारी
बैठक में रिनपास में सुपर स्पेशलाइजेशन कोर्स शुरू करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इसका उद्देश्य संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ मरीजों के लिए विशेषज्ञ उपचार सेवाओं का विस्तार करना है।अपर मुख्य सचिव ने रिनपास की चिकित्सा शिक्षा और उपचार व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने संस्थान की पुरानी प्रतिष्ठा और बेहतर कार्यप्रणाली को फिर से मजबूत करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
