Jharkhand: सैनिक स्कूल तिलैया बना राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का ओवरऑल चैंपियन, गोपालगंज रहा उपविजेता

कोडरमा । सैनिक स्कूल तिलैया डैम में 19 सितंबर से आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का बुधवार को समापन हो गया। प्रतियोगिता में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के आठ सैनिक स्कूलों की टीमों ने विभिन्न खेल एवं बौद्धिक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। शानदार प्रदर्शन करते हुए सैनिक स्कूल तिलैया ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि सैनिक स्कूल गोपालगंज उपविजेता रहा।
वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स में कैडेटों ने दिखाया दम
पांच दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान कैडेटों ने वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स, क्विज और डिबेट सहित विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अलग-अलग प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।ओवरऑल चैंपियन बनने के बाद सैनिक स्कूल तिलैया के कैडेटों में खासा उत्साह नजर आया। कैडेटों ने इस उपलब्धि को अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास का परिणाम बताया।
विजेता खिलाड़ियों को मेडल और शील्ड से किया सम्मानित
प्रतियोगिता के समापन समारोह में सैनिक स्कूल तिलैया के प्राचार्य कर्नल एस. मोहन राव आर. ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को मेडल एवं शील्ड देकर सम्मानित किया।समारोह के दौरान कैडेटों ने मार्च पास्ट भी प्रस्तुत किया। मार्च पास्ट के दौरान कैडेटों ने अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया।
करीब चार वर्ष पहले शुरू हुई राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता
प्राचार्य कर्नल एस. मोहन राव आर. ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल सोसायटी की ओर से करीब चार वर्ष पहले राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की शुरुआत की गई थी। इस वर्ष प्रतियोगिता के आयोजन की जिम्मेदारी सैनिक स्कूल तिलैया को मिली थी, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी सैनिक स्कूलों के खिलाड़ियों और आयोजकों को बधाई दी तथा खेलों के माध्यम से कैडेटों में अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और टीम भावना विकसित होने की बात कही।
तिलैया के कैडेटों की उपलब्धि से बढ़ा उत्साह
ओवरऑल चैंपियन का खिताब हासिल करने के बाद सैनिक स्कूल तिलैया के कैडेटों में उत्साह का माहौल रहा। कैडेटों ने कहा कि प्रतियोगिता के लिए किए गए नियमित अभ्यास और मेहनत का परिणाम उन्हें चैंपियन बनने के रूप में मिला है।पांच दिनों तक चले इस आयोजन ने कैडेटों को खेल प्रतिभा के प्रदर्शन के साथ-साथ टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी प्रदान किया।



