Entertainment: ‘गोंधल’ भारत की ऑफिशियल एंट्री, फिर भी ‘अंग’ कैसे पहुंची ऑस्कर की रेस में? समझें पूरा नियम

मनोरंजन डेस्क : 2027 के ऑस्कर में भारतीय सिनेमा के लिए इस बार एक दिलचस्प स्थिति बनी है। मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना है। वहीं, नागालैंड के फिल्ममेकर थेजा रियो की फिल्म (अंग) भी बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में ऑस्कर की दौड़ में शामिल हो गई है।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भारत की आधिकारिक एंट्री ‘गोंधल’ है, तो ‘अंग’ को ऑस्कर में जगह कैसे मिली? इसका जवाब ऑस्कर 2027 के बदले हुए पात्रता नियमों में छिपा है।
‘गोंधल’ भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री
संतोष डावखर के निर्देशन में बनी मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को एफएफआई ने 33 फिल्मों में से भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना है। फिल्म महाराष्ट्र की पारंपरिक ‘गोंधल’ लोक परंपरा की पृष्ठभूमि पर बनी साइकोलॉजिकल थ्रिलर है।‘गोंधल’ 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स में अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेगी। यानी देश की ओर से ऑस्कर के लिए भेजी गई फिल्म ‘गोंधल’ ही है।
फिर ‘अंग’ को ऑस्कर में एंट्री कैसे मिली?
नागालैंड के फिल्ममेकर थेजा रियो की डेब्यू फीचर फिल्म ‘अंग’ ने 2026 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) में प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म अवॉर्ड जीता है। इस पुरस्कार के कारण फिल्म को ऑस्कर की अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म कैटेगरी में सीधे पात्रता मिली है।इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि ‘अंग’ ने भारत की आधिकारिक एंट्री के लिए ‘गोंधल’ को हरा दिया। दोनों फिल्मों का ऑस्कर तक पहुंचने का रास्ता अलग है।
ऑस्कर ने बदले अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म के नियम
दरअसल, 2026 में एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म कैटेगरी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।नए नियमों के तहत किसी देश की आधिकारिक एंट्री के अलावा गैर-अंग्रेजी भाषा की ऐसी फिल्म भी इस कैटेगरी में विचार के लिए पात्र हो सकती है, जिसने कुछ निर्धारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में विशेष शीर्ष पुरस्कार जीता हो।
इस सूची में शामिल हैं:
सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव का गोल्डन बियर
बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का बुसान पुरस्कार – सर्वश्रेष्ठ फिल्म
कान फिल्म फेस्टिवल का पाल्मे डी’ओर
सैंडांस फिल्म महोत्सव का विश्व सिनेमा ग्रैंड जूरी पुरस्कार
टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का प्लेटफार्म अवार्ड
वेनिस फिल्म फेस्टिवल का गोल्डन लायन
इसी नए नियम के तहत टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का प्लेटफॉर्म अवॉर्ड जीतने वाली ‘अंग’ को ऑस्कर 2027 के इंटरनेशनल फीचर फिल्म मुकाबले में शामिल होने का रास्ता मिला है।
‘अंग’ की कहानी क्या है?
थेजा रियो की फिल्म ‘अंग’ की कहानी 1960 के दशक के शुरुआती वर्षों में नागालैंड में भारत-म्यांमार सीमा के आसपास की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म एक बुजुर्ग कोन्याक गांव के मुखिया और उसके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है।कहानी में मुखिया अपने परिवार के साथ उस गांव में रहता है, जिसे अधिकांश लोग छोड़ चुके हैं। वह अपनी पारंपरिक जीवनशैली, पूर्वजों की स्मृतियों और लुप्त होती आदिवासी परंपराओं को बचाए रखने की कोशिश करता है।इसी दौरान एक अमेरिकी बैपटिस्ट मिशनरी गांव में आता है। उसके साथ आधुनिक चिकित्सा, सहायता और ईसाई धर्म से जुड़े विचार आते हैं। मुखिया का बेटा इन बदलावों से प्रभावित होता है, जिससे परिवार और समुदाय के भीतर परंपरा तथा परिवर्तन के बीच टकराव की स्थिति बनती है।
भारत से दो फिल्में ऑस्कर की इंटरनेशनल फीचर रेस में
इस तरह ऑस्कर 2027 के लिए भारत से जुड़ी दो फिल्मों की स्थिति अलग-अलग है। ‘गोंधल’ भारत की आधिकारिक एंट्री है, जबकि ‘अंग’ ने टीआईएफएफ के प्लेटफार्म अवार्ड के जरिए अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए पात्रता हासिल की है।एकेडमी के नए नियमों के तहत इस कैटेगरी में देश की आधिकारिक एंट्री के अलावा निर्धारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में शीर्ष पुरस्कार जीतने वाली फिल्में भी सीधे विचार के लिए पात्र हो सकती हैं। इसलिए इस साल दोनों फिल्मों का ऑस्कर तक पहुंचने का आधार अलग है।



