Jharkhand: जमुआ के गोविंदपुरा में अवैध पत्थर खदान पर जिला प्रशासन ने मारा छापा; 5 बोरा जिलेटिन, पोकलेन व 6 ट्रैक्टर जब्त

गिरिडीह : गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत मेढ़ोचपरको पंचायत के गोविंदपुरा में चल रहे विशाल अवैध पत्थर खदान पर जिला प्रशासन ने दबिश दी । गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव के सख्त निर्देश पर सोमवार को खोरीमहुआ अनुमंडल प्रशासन और जिला खनन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की। मौके से 5 बोरा विस्फोटक (जिलेटिन), ब्लास्टिंग वायर, 1 पोकलेन मशीन और 6 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं।
एसडीएम व माइनिंग इंस्पेक्टर की संयुक्त दबिश; दो ट्रैक्टर लेकर भाग निकले कारोबारी
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया खोरीमहुआ एसडीएम और जिला माइनिंग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गोविंदपुरा स्थित खदान को चारों तरफ से घेरकर छापेमारी की।मौके पर अवैध रूप से पहाड़ों को उड़ाने के लिए भारी मात्रा में रखा गया 5 बोरा जिलेटिन और ब्लास्टिंग वायर बरामद किया गया, जिससे क्षेत्र में हो रहे बड़े पैमाने के अवैध खनन का पर्दाफाश हुआ। टीम ने मौके से 1 भारी पोकलेन मशीन और 6 ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। हालांकि, स्थानीय सूत्रों के अनुसार छापेमारी की भनक लगते ही खनन माफिया दो ट्रैक्टरों को मौके से भगाने में सफल रहे, जिसकी जांच जारी है।
कोडरमा से गिरिडीह तक फैले नेटवर्क के इन दिग्गजों के नाम आए सामने,आधिकारिक पुष्टि नहीं
सूत्रों के मुताबिक इस खदान के संचालन से जुड़े लोगों के रूप में अनिल साव, डोमचांच (कोडरमा), रंजीत वर्मा निवासी पाराखारो, मांगरू साव, सुनील मेहता, सिकंदर साव पिता भगत साव निवासी पाराखारो, जितेंद्र वर्मा और महेंद्र यादव के नाम चर्चा में हैं। हालांकि इन नामों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जमुआ थाना के ड्राइवर की कथित भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
मामले में सिकंदर साव, पिता भगत साव, निवासी पाराखारो, जमुआ का नाम भी सामने आ रहा है। सूत्र उसकी पहचान जमुआ थाना के ड्राइवर के रूप में बताते हैं और कथित तौर पर उसकी भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि किसी व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।गौरतलब है कि गिरिडीह जिला प्रशासन की ओर से अवैध खनन और खनिजों की तस्करी पर कार्रवाई के लिए खनन विभाग को प्रवर्तन की जिम्मेदारी दी गई है।



