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Bihar: अररिया में मिट्टी के ढेर में दबे चार बच्चे, दो की मौत; अवैध खनन के आरोप पर सड़क जाम

अररिया: बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज में रविवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। धरहरा गांव में मिट्टी के ढेर के नीचे दबने से चार बच्चे हादसे का शिकार हो गए। स्थानीय लोगों ने सभी बच्चों को मिट्टी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। दो बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने मिट्टी के कथित अवैध खनन और कटाई को बच्चों की मौत की वजह बताते हुए नरपतगंज-फारबिसगंज फोरलेन पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। विधायक देवयंती देवी और पुलिस अधिकारियों की पहल के बाद करीब दो घंटे बाद जाम हटाया जा सका।

मिट्टी के ढेर पर खेल रहे थे चारों बच्चे

घटना नरपतगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक स्थित धरहरा गांव की बताई गई है। जानकारी के अनुसार, गांव के चार बच्चे मिट्टी के एक बड़े ढेर पर खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का ढेर धंस गया और चारों बच्चे उसके नीचे दब गए।स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और बच्चों को मिट्टी से बाहर निकाला। इसके बाद सभी को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान साजन और आयांश के रूप में

हादसे में मृत बच्चों की पहचान संजीव पासवान के आठ वर्षीय बेटे साजन कुमार और रवि पासवान के छह वर्षीय बेटे आयांश कुमार के रूप में हुई है।वहीं, छोटू पासवान के पांच वर्षीय बेटे अंकुश कुमार और संजीव पासवान के छह वर्षीय बेटे आर्यन कुमार को सुरक्षित बचा लिया गया।दो बच्चों की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शव के साथ फोरलेन पर किया सड़क जाम

बच्चों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को नरपतगंज-फारबिसगंज फोरलेन पर रखकर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीण हादसे के लिए मिट्टी के कथित अवैध खनन और ढुलाई को जिम्मेदार बता रहे थे।जाम की सूचना मिलने पर विधायक देवयंती देवी नरपतगंज थानाध्यक्ष संजय कुमार के साथ मौके पर पहुंचीं। काफी समझाने-बुझाने के बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।

नहर की सफाई से निकली मिट्टी को लेकर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले के मुख्य नहर की सफाई के दौरान निकली मिट्टी को धरहरा क्षेत्र में जमा किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि इस मिट्टी की कथित तौर पर अवैध कटाई और ढुलाई कर बिक्री की जा रही थी।आरोप है कि मिट्टी की कटाई के दौरान गड्ढे बन गए थे। बच्चे खेलते-खेलते मिट्टी के ढेर तक पहुंच गए और इसी दौरान मिट्टी धंसने से हादसा हो गया।हालांकि, अवैध खनन से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग

हादसे के बाद ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना था कि यदि मिट्टी की कटाई और ढुलाई नियमों के विरुद्ध हो रही थी तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।विधायक देवयंती देवी ने ग्रामीणों को मामले की जांच कराने और सरकारी प्रावधानों के तहत मृतकों के परिजनों को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।

फुलकाहा थाना क्षेत्र में मामला, पुलिस कर रही कार्रवाई

नरपतगंज थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि मामला फुलकाहा थाना क्षेत्र का है। उन्होंने कहा कि फुलकाहा पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।पुलिस हादसे की परिस्थितियों और मिट्टी के ढेर से जुड़े पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और अवैध खनन के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

आयांश था घर का इकलौता चिराग

स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक आयांश अपने परिवार का इकलौता बेटा था। बताया गया कि उसके पिता ने हाल में ही नहर किनारे जमीन खरीदकर घर बनाना शुरू किया था।परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बच्चों की मौत मिट्टी की कथित अवैध कटाई के कारण हुई। स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर पहले पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से कथित खनन गतिविधियां जारी रहीं।हादसे में मृत साजन के परिवार को भी गहरा सदमा लगा है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, उसके पिता रवि पासवान की पहले ही एक हादसे में मौत हो चुकी है।

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