ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। दस्तावेजों और पहचान से जुड़ी जांच पूरी होने के बाद क्राइम ब्रांच की विशेष टीम उन्हें डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा की ओर लेकर रवाना हुई है।इन लोगों को 3-4 अगस्त की रात ग्वालियर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में की गई छापेमारी के दौरान महिलाओं और बच्चों समेत हिरासत में लिया गया था।
लगभग 20 दिनों तक हुई पूछताछ और दस्तावेजों की जांच
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी 13 लोगों से पिछले करीब 20 दिनों से अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस टीमों द्वारा पूछताछ की जा रही थी। इस दौरान उनके दस्तावेजों और नागरिकता से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई।जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके कथित तौर पर अवैध प्रवासी होने की पुष्टि होने पर उन्हें भारत से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। अब संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश भेजे जाने की कार्रवाई की जाएगी।
3-4 अगस्त की रात झुग्गी-बस्तियों में हुई थी छापेमारी
गुप्त सूचना के आधार पर ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 3-4 अगस्त की रात शहर के कई संवेदनशील इलाकों की झुग्गी-बस्तियों में छापेमारी की थी।पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान महिलाओं और बच्चों समेत कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया गया था। प्रारंभिक जांच में इन लोगों के कथित तौर पर पहचान छिपाकर लंबे समय से ग्वालियर में रहने की बात सामने आई थी।
महलगांव और पिंटो पार्क इलाके से जुड़े होने की जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, हिरासत में ली गई एक महिला को महलगांव स्थित सिटी सेंटर क्षेत्र से पकड़ा गया था। वहीं अन्य 12 लोग कथित तौर पर कई वर्षों से पिंटो पार्क इलाके में रह रहे थे।पूछताछ के दौरान इन लोगों ने कथित तौर पर बताया कि वे भारत-बांग्लादेश सीमा पर सक्रिय दलालों को पैसे देकर अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किए थे। इसके बाद अलग-अलग रास्तों से ग्वालियर पहुंचकर पहचान छिपाकर रहने लगे।हालांकि, इन दावों और कथित स्वीकारोक्ति की अंतिम कानूनी पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक प्रक्रियाओं के आधार पर ही मानी जाएगी।
कड़ी सुरक्षा के बीच बॉर्डर के लिए रवाना हुई टीम
क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम सभी 13 लोगों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा की ओर लेकर रवाना हुई है। सीमा पर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की ओर से आवश्यक सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही डिपोर्टेशन की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
