नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रेप मामले में दोषी ठहराए गए तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। तेजपाल ने बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 2013 के मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई गई थी।
6 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनाई थी 10 साल की सजा
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त को तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया था। अदालत ने वर्ष 2021 में गोवा की सेशंस कोर्ट द्वारा उन्हें बरी किए जाने के फैसले को पलटते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई।तेजपाल ने हाई कोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, गोवा सरकार ने भी शीर्ष अदालत का रुख कर तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है।
2013 में सामने आया था मामला
मामला एक महिला पत्रकार की शिकायत से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार, नवंबर 2013 में पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में उनके साथ यौन उत्पीड़न की घटना हुई थी।इन आरोपों के बाद तरुण तेजपाल को 30 नवंबर 2013 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत बलात्कार, यौन उत्पीड़न और गलत तरीके से बंधक बनाने समेत अन्य आरोप तय किए गए थे।हालांकि, तेजपाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया।
2021 में सेशंस कोर्ट ने किया था बरी
मई 2021 में गोवा की सेशंस कोर्ट ने तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। ट्रायल कोर्ट ने माना था कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा।इसके बाद गोवा सरकार ने सेशंस कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच का रुख किया था।
हाई कोर्ट ने पलटा बरी किए जाने का फैसला
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया और तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई।अब सुप्रीम कोर्ट में तेजपाल की अपील और गोवा सरकार की ओर से सजा बढ़ाने की मांग से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शीर्ष अदालत के निर्देश के अनुसार तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा।
