Bihar: छात्रों पर विवादित बयान देने वाले बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार निलंबित, सीएम सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश

पटना: बिहार में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देना बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार को महंगा पड़ गया है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का निर्देश दिया है।मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग को परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद छात्र प्रदर्शन और बीपीएससी अधिकारी के बयान को लेकर चल रहा विवाद और अधिक गंभीर हो गया है।

वायरल वीडियो में विवादित बयान देने का आरोप

दरअसल, बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के संदर्भ में कथित तौर पर कहा था, “हाथी चले बाजार… कुत्ते भौंके हजार।”अधिकारी के इस बयान के बाद छात्रों और अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई। छात्र संगठनों ने इसे प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

बयान पर राजेश कुमार ने जताया था खेद

विवाद बढ़ने के बाद बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने अपने बयान पर खेद जताया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने एक लोकोक्ति का इस्तेमाल किया था, जिसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति या व्यक्ति समूह की भावना को ठेस पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था।उन्होंने कहा था कि यदि उनके बयान से किसी की भावना आहत हुई है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।

छात्र नेताओं ने की थी निलंबन की मांग

मामले में छात्र नेता दिलीप कुमार ने भी बीपीएससी अधिकारियों के बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि छात्रों को इस तरह संबोधित करना निंदनीय है और मुख्यमंत्री से संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की मांग की थी।छात्रों की ओर से टीआरई -4 परीक्षा में एकल परीक्षा कराने और नेगेटिव मार्किंग हटाने जैसी मांगें भी उठाई जा रही हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब भी आंदोलनरत हैं।

तेजस्वी यादव ने भी जताया था विरोध

बीपीएससी अधिकारी के बयान पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा था कि लोकतंत्र में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के लिए इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।बिहार में विभिन्न परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच बीपीएससी अधिकारी का विवादित बयान सरकार और आयोग दोनों के लिए राजनीतिक एवं प्रशासनिक चुनौती बन गया था।

टीआरई-4 परीक्षा को लेकर भी तैयारी

इस बीच बीपीएससी की ओर से टीआरई-4 परीक्षा को लेकर भी जानकारी सामने आई है। परीक्षा दिसंबर-जनवरी के दौरान आयोजित किए जाने की संभावना बताई गई है। बीपीएससी के अनुसार टीआरई-4 परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से निलंबन की औपचारिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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