Jharkhand: कर्नाटक पुलिस का सोनारी में छापा, एटीएम कैश वाहन लुट मामले में कर रही जांच

जमशेदपुर। कर्नाटक के बीदर शहर में हुए एटीएम कैश वाहन लूटकांड की जांच के सिलसिले में कर्नाटक पुलिस ने मंगलवार को जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित परदेशी पाड़ा में छापेमारी की। पुलिस टीम ने उन किराए के मकानों की तलाशी ली, जहां मामले में गिरफ्तार आरोपी आलोक सिंह उर्फ अंबानी और अमन सिंह के रहने की जानकारी मिली थी।दोनों आरोपी बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। कर्नाटक पुलिस की टीम स्थानीय स्तर पर जांच करते हुए उनके पुराने ठिकानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
वैशाली से गिरफ्तार हुए थे दोनों आरोपी
जानकारी के अनुसार, कर्नाटक पुलिस ने इससे पहले वैशाली जिले से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच के दौरान उनकी निशानदेही पर हथियार बरामद किए जाने की बात सामने आई है।पुलिस के अनुसार, आलोक सिंह के पास मौजूद एक बाइक की पेट्रोल टंकी से दो जिंदा गोलियां भी बरामद हुई हैं। बरामदगी को बीदर लूटकांड की जांच से जोड़कर पुलिस आगे की जानकारी जुटा रही है।
अप्रैल में पत्नी और बेटी के साथ सोनारी आया था आलोक
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आलोक सिंह अपनी पत्नी और करीब दो साल की बेटी के साथ अप्रैल में परदेशी पाड़ा में किराए के मकान में रहने आया था। उसने स्थानीय स्तर पर बताया था कि वह मानगो स्थित एक सोफा दुकान में काम करता है।वहीं, अमन सिंह भी पास के एक दूसरे मकान में किराए पर रह रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पिछले कुछ दिनों से अपने घर से बाहर थे।आलोक की पत्नी भी करीब तीन दिन पहले यह कहते हुए घर से निकली थी कि आलोक का एक्सीडेंट हो गया है।
जनवरी 2025 में हुई थी करीब 93 लाख की लूट
कर्नाटक पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 में बीदर शहर में एटीएम कैश वाहन को निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस दौरान सुरक्षा गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और कैश वाहन में रखे करीब 93 लाख रुपये नकद लूट लिए गए थे। घटना के बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच के क्रम में गिरफ्तार आरोपियों के जमशेदपुर से कथित कनेक्शन की जानकारी सामने आने के बाद कर्नाटक पुलिस सोनारी पहुंची।
अन्य संदिग्धों और लूट की रकम की तलाश
फिलहाल कर्नाटक पुलिस की टीम सोनारी के परदेशी पाड़ा में छापेमारी और जांच की कार्रवाई कर रही है। पुलिस आरोपियों के संपर्क में रहे अन्य संदिग्धों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।इसके अलावा लूट की रकम कहां गई और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी, इसे लेकर भी जांच जारी है।



