Jharkhand: गढ़वा में वन पट्टा विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर चली लाठी-डंडे और पत्थर

झारखंड के गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसमही गांव में वन अधिकार पट्टा को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और पत्थरबाजी हुई। घटना के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मारपीट में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।

पौधारोपण को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, वन भूमि पर पौधारोपण को लेकर आदिम जनजाति कोरवा एवं परहिया समुदाय तथा वन विभाग से जुड़े पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि सामुदायिक वन पट्टे की जमीन पर लगाए गए फलदार पौधों को उखाड़कर वहां बांस लगाए जा रहे थे। वहीं, व्यक्तिगत वन पट्टे वाली जमीन पर भी गड्ढे खोदे जाने का विरोध किया गया, जिसके बाद विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया।

पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल

घटना की सूचना मिलते ही मेराल थाना प्रभारी विष्णुकांत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लहूलुहान अवस्था में पड़े घायलों को अपने वाहन से गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

2011 के वन अधिकार पट्टे से जुड़ा है विवाद

ग्रामीणों के अनुसार, विवाद की जड़ वर्ष 2011 में मिले व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे और वर्ष 2025 में मिले सामुदायिक वन अधिकार पट्टे से जुड़ी हुई है। नियमों के तहत व्यक्तिगत पट्टे वाली भूमि पर संबंधित परिवार खेती करते हैं, जबकि सामुदायिक पट्टे की भूमि पर वन संरक्षण और पौधारोपण का कार्य किया जाता है। इसके लिए ग्रामीणों ने ग्राम सभा का गठन भी किया है।

गांव में तनाव, पुलिस कर रही जांच

घटना के बाद कुसमही गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और विवाद के कारणों की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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