साहिबगंज: जेएसएससी -जेपीएससी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितता के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने साहिबगंज में जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए समाहरणालय का घेराव किया।प्रदर्शन में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी, बोरियो के पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम, राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा, भाजपा जिलाध्यक्ष गौतम यादव और बरहेट से मंडल मुर्मू समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जेएसएससी -जेपीएससी मामले में सीबीआई जांच की मांग
समाहरणालय घेराव के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जेएसएससी-जेपीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। पार्टी ने कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग के साथ सीबीआई जांच की मांग भी रखी।भाजपा ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।
जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने आदिवासी और स्थानीय लोगों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर निशाना साधा।भाजपा का कहना है कि स्थानीय लोगों के हितों और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में दिखा कार्यकर्ताओं का आक्रोश
समाहरणालय घेराव के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह और आक्रोश देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्रों और आम लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
बाबूलाल मरांडी समेत कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
साहिबगंज में आयोजित इस प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता शामिल हुए। बाबूलाल मरांडी, अनंत ओझा और लोबिन हेंब्रम की मौजूदगी के कारण प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा।हालांकि, इस खबर में नेताओं के विस्तृत बयान उपलब्ध नहीं हैं। उनके द्वारा प्रदर्शन के दौरान कही गई बातों के आधार पर जेएसएससी -जेपीएससी मामले और सरकार पर लगाए गए आरोपों को अलग से विस्तार दिया जा सकता है।
