Maharashtra: महाराष्ट्र में गैर-मराठी टैक्सी और ऑटो चालकों पर सख्ती, 16 अगस्त से मराठी परीक्षा फेल होने पर लाइसेंस होगा रद्द

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को कहा कि यदि टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालक कार्यात्मक मराठी भाषा परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो 16 अगस्त 2026 से उनके ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।

15 अगस्त तक मराठी सीखने का समय

परिवहन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी गैर-मराठी टैक्सी और ऑटो चालकों को 15 अगस्त तक कार्यात्मक मराठी सीखने का समय दिया है। इसके लिए करीब 450 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य चालकों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय भाषा से परिचित कराना है ताकि यात्रियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित हो सके।

आरटीओ को मिलेगा लाइसेंस रद्द करने का अधिकार

मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4, 22 और 85 के तहत निर्धारित समय समाप्त होने के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को ऐसे चालकों का लाइसेंस रद्द करने का अधिकार होगा, जो मराठी भाषा परीक्षा में सफल नहीं होंगे।उन्होंने कहा कि पहले ऐसे मामलों में 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन संशोधित प्रावधानों के तहत अब लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी।

1 अगस्त से शुरू होगी बाइक टैक्सी सेवा

परिवहन मंत्री ने यह भी घोषणा की कि महाराष्ट्र में 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक तौर पर बाइक टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी।उन्होंने बताया कि इस सेवा के तहत चालकों के कल्याण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बाइक टैक्सी से प्रतिदिन 5 रुपये का वेलफेयर सेस लिया जाएगा, जबकि प्रत्येक किराये पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। इस राशि का उपयोग बाइक टैक्सी चालकों के सामाजिक और कल्याणकारी कार्यों पर किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

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