कोलकाता। पश्चिम बंगाल के चर्चित बारुईपुर रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना क्राइम रिकंस्ट्रक्शन (घटनास्थल के पुनर्निर्माण) के दौरान हुई, जब आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर भागने और पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की।
पुलिस का दावा- राइफल छीनकर की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, बारुईपुर थाना कांड संख्या 1350/26 की जांच के तहत बुधवार रात करीब 12:45 बजे जांच अधिकारी अपनी टीम के साथ आरोपी प्रभास मंडल को सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर लेकर गए थे।पुलिस का दावा है कि घटनास्थल पर पुनर्निर्माण के दौरान प्रभास मंडल ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर एक राउंड फायरिंग भी की।इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें प्रभास मंडल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल बारुईपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ की जांच शुरू
पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुठभेड़ और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई क्रूरता
इस मामले में 11 वर्षीय पीड़िता की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों, यौन उत्पीड़न और शारीरिक यातनाओं के संकेत मिलने की बात सामने आई है।रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था।उसके शरीर पर खरोंच और काटने के निशान पाए गए।गुप्तांगों पर गंभीर चोटों के संकेत मिले।कथित तौर पर उसे बोरी में भरकर तालाब में फेंका गया।प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, तालाब में फेंके जाने के समय वह जीवित थी और मौत डूबने से हुई।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना बारुईपुर थाना क्षेत्र के धपधपी-2 पंचायत के सूर्यपुर हाट की है।पुलिस के अनुसार, 11 वर्षीय बच्ची शनिवार शाम घर से खाने का सामान खरीदने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। रविवार सुबह उसका शव घर के पास एक तालाब से बरामद किया गया।जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में चार लोगों को बच्ची के साथ जाते हुए देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और आरोपी प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था।
