Jharkhand: ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत आरपीएफ पोस्ट, रांची द्वारा नाबालिग बालक का सकुशल रेस्क्यू

रांची। रांची रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच और गश्त के दौरान रेलवे सुरक्षा बल ने एक 12 वर्षीय नाबालिग बालक को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे चाइल्डलाइन, रांची के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ की तत्परता से एक संभावित अप्रिय घटना टल गई और बालक को सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया गया।

प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर संदिग्ध अवस्था में मिला बालक

आरपीएफ के अनुसार, 6 जुलाई 2026 की सुबह रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर नियमित जांच एवं गश्त के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की नजर एक नाबालिग बालक पर पड़ी, जो अकेला और संदिग्ध परिस्थिति में घूम रहा था।पूछताछ में बालक ने अपना नाम करण कुमार (12 वर्ष) बताया। उसने अपने पिता का नाम रतनेश राय तथा मूल पता हसनपुर, थाना महादीनगर, जिला समस्तीपुर (बिहार) बताया। वर्तमान में उसका परिवार लालपुर, रांची में रह रहा है।

मां की डांट से नाराज होकर छोड़ दिया था घर

प्रारंभिक पूछताछ में बालक ने बताया कि वह अपनी मां की बार-बार डांट से नाराज होकर बिना किसी को बताए घर से निकल आया था।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने बालक को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर आरपीएफ पोस्ट, रांची पहुंचाया।

चाइल्डलाइन को किया गया सुपुर्द

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग को उसकी देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास के लिए विधिसम्मत तरीके से चाइल्डलाइन, रांची के सुपुर्द कर दिया गया।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस सराहनीय अभियान में निम्नलिखित आरपीएफ कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिसमे उप निरीक्षक सुनीता तिर्की,सहायक उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार और प्रधान आरक्षक पी.सी. महतो मौजूद रहे। आरपीएफ ने बताया कि यात्रियों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे स्टेशनों पर नियमित जांच और गश्त अभियान लगातार जारी रहेगा।

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