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Bihar: बांकीपुर से खुद चुनाव लड़ सकते हैं प्रशांत किशोर, बोले- बीजेपी का 45 साल पुराना किला तोड़ेंगे

जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं सूत्रधार प्रशांत किशोर ने संकेत दिए हैं कि वह बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट से होने वाले उपचुनाव में स्वयं उम्मीदवार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 40-45 वर्षों पुराना गढ़ तोड़ने के लिए उन्हें खुद चुनाव मैदान में उतरना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं।

भाजपा का किला तोड़ने का दावा

एक हालिया इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने कहा,”बांकीपुर में भाजपा का किला तोड़ने के लिए जो कुछ भी करना पड़े, वह किया जाएगा। अगर उसके लिए मुझे खुद चुनाव लड़ना पड़े, तो मैं लड़ूंगा।”उनके इस बयान के बाद बांकीपुर से उनके चुनाव लड़ने की अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि, जन सुराज पार्टी ने अभी तक उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

बांकीपुर में जन सुराज का जनसंपर्क अभियान तेज

जन सुराज पार्टी पिछले कई दिनों से बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रही है। पार्टी की ओर से व्यापारियों, बुद्धिजीवियों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। स्वयं प्रशांत किशोर भी लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं और क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

भाजपा का अभेद्य गढ़ रही है बांकीपुर सीट

पटना शहर की बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा जीत दर्ज करती रही है।2008 से पहले यह सीट पटना पश्चिम विधानसभा के नाम से जानी जाती थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा यहां लगातार चार बार विधायक रहे। उनके निधन के बाद वर्ष 2006 के उपचुनाव में उनके पुत्र नितिन नवीन ने जीत हासिल की और उसके बाद लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे।

2025 विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा कुमारी को करीब 51 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया था।वहीं, जन सुराज पार्टी ने वंदना कुमारी को उम्मीदवार बनाया था, जिन्हें केवल 7,717 वोट मिले थे।

नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई सीट

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन राज्यसभा पहुंचे। मार्च 2026 में उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद बांकीपुर विधानसभा सीट रिक्त हो गई।निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार इस सीट पर अक्टूबर 2026 से पहले उपचुनाव कराना अनिवार्य है।

उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत

बांकीपुर उपचुनाव में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।भाजपा अपने नए उम्मीदवार की तलाश में जुटी है।जन सुराज पार्टी ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है और प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने की संभावना बनी हुई है।महागठबंधन की ओर से राजद, कांग्रेस और वाम दल भी दावेदारी पेश कर सकते हैं।

क्यों अहम है बांकीपुर उपचुनाव?

यह उपचुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार का यह पहला विधानसभा उपचुनाव होगा। साथ ही यह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का गृह क्षेत्र भी है। ऐसे में इस सीट पर होने वाला मुकाबला पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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