NewsUP INFACT

Uttar Pradesh: सोन नदी में नहाने गए तीन किशोर लापता, एसडीआरएफ और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत मीतापुर ग्राम पंचायत में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। सोन नदी में नहाने गए तीन किशोरों के डूब जाने की आशंका के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।घटना के बाद से क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है। परिजन और ग्रामीण नदी किनारे बच्चों की तलाश में जुटी टीमों की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।

गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा: एडिशनल एसपी

मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया।उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों किशोर नहाते समय नदी के गहरे हिस्से में चले गए, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल रही उन चर्चाओं को भी खारिज किया, जिनमें पुलिस द्वारा किशोरों को दौड़ाने या धक्का देने जैसी बातें कही जा रही थीं।एडिशनल एसपी ने लोगों से नदी, तालाब और अन्य गहरे जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की।

जोखिम वाले क्षेत्रों में लगाए जाएंगे चेतावनी बोर्ड

अनिल कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के नदी घाटों और अन्य संभावित खतरनाक जल क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों का पता लगाना: एडीएम

अपर जिलाधिकारी बागेश शुक्ला ने बताया कि स्थानीय स्तर पर तलाश के प्रयास पर्याप्त नहीं होने के कारण एसडीआरएफ की सहायता ली गई है।उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लापता किशोरों का जल्द से जल्द पता लगाना है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि यदि घटना में जनहानि की पुष्टि होती है, तो आपदा राहत निधि के तहत मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

राज्य मंत्री ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

घटना की सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव लुमार गोंड भी मौके पर पहुंचे।उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत या आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

अवैध बालू खनन पर उठे सवाल

घटना के बाद निषाद समाज और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेताओं ने हादसे के पीछे अवैध बालू खनन की भूमिका होने की आशंका जताई है।उनका आरोप है कि नदी में अवैध खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे गड्ढे और दलदली क्षेत्र बन गए हैं, जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

50 लाख रुपये मुआवजे की मांग

निषाद समुदाय के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।फिलहाल एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button