Jharkhand: दुबई जेल में एक महीने से बंद हुलास महतो, परिवार ने लगाई रिहाई और सुरक्षित वतन वापसी की गुहार

गिरिडीह: जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत दूधपानियां गांव निवासी हुलास महतो पिछले लगभग एक महीने से अबू धाबी की जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई नहीं होने से परिवार गहरे संकट और चिंता में डूबा हुआ है। परिजन लगातार प्रशासन, सरकार और संबंधित एजेंसियों से हस्तक्षेप कर उनकी सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं।

मार्च में नौकरी के लिए गए थे दुबई

जानकारी के अनुसार, दूधपानियां निवासी स्वर्गीय परमेश्वर महतो के पुत्र हुलास महतो 11 मार्च 2026 को दुबई स्थित एनसीसी कंपनी में काम करने के लिए गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और घर की परेशानियां दूर होंगी, लेकिन कुछ ही महीनों बाद परिवार पर संकट आ गया।

28 मई को हुई गिरफ्तारी, कारण अब भी स्पष्ट नहीं

परिजनों के मुताबिक, 28 मई 2026 को दुबई पुलिस ने हुलास महतो को बगोदर क्षेत्र के बलदेव सिंह और एक तमिल युवक के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि गिरफ्तारी के कारणों की स्पष्ट जानकारी अब तक परिवार को नहीं मिल सकी है।

दो साथी रिहा होकर लौटे, हुलास अब भी जेल में

हुलास महतो के साथ गिरफ्तार किए गए दोनों अन्य व्यक्तियों को 11 जून 2026 को रिहा कर मुंबई भेज दिया गया था, जहां से वे अपने घर लौट आए। लेकिन हुलास महतो की रिहाई अब तक नहीं होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

पत्नी, मां और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

हुलास महतो के परिवार में उनकी दिव्यांग पत्नी धानेश्वरी देवी, वृद्ध मां डीलेश्वरी देवी, पुत्र इंद्र कुमार और पुत्री बेबी कुमारी हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य के विदेश में जेल में बंद होने की खबर के बाद घर का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बच्चे भी अपने पिता की सलामती को लेकर चिंतित हैं।

प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकंदर अली ने की मुलाकात

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले सिकंदर अली हुलास महतो के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज एकत्र कर राज्य सरकार, केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

सरकार और भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप की मांग

सिकंदर अली ने कहा कि विदेशों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर हुलास महतो की कानूनी स्थिति की जानकारी प्राप्त करने तथा उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की।वहीं परिजनों ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से अपील की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए, ताकि हुलास महतो को न्याय मिल सके और वे सुरक्षित अपने परिवार के बीच लौट सकें।

परिवार को सरकार से है उम्मीद

परिवार का कहना है कि उन्हें अब सरकार और प्रशासन से ही उम्मीद है। परिजन चाहते हैं कि हुलास महतो की स्थिति की स्पष्ट जानकारी सामने आए और उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो सके।

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