Bihar: बिहार की बेटी भावना कंठ ने रचा इतिहास, फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा करने वाली बनीं पहली महिला पायलट

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड स्थित बाउर गांव की बेटी और भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट भावना कंठ ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भावना कंठ ने भारतीय वायुसेना का प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।इसके साथ ही वह यह कठिन प्रशिक्षण पूरा करने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि से दरभंगा सहित पूरे मिथिलांचल में खुशी और गर्व का माहौल है।

20 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण किया पूरा

भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट में 20 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया।फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स को भारतीय वायुसेना के सबसे चुनौतीपूर्ण एडवांस्ड कॉम्बैट प्रशिक्षणों में शामिल माना जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को हवाई युद्ध की रणनीति, मिशन प्लानिंग, कठिन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और जटिल युद्ध अभियानों का नेतृत्व करने की ट्रेनिंग दी जाती है।इसी वजह से एफसीएल प्रशिक्षण की तुलना अमेरिका के चर्चित ‘टॉप गन’ प्रशिक्षण से भी की जाती है।

हवाई युद्ध और मिशन लीडरशिप की मिलती है ट्रेनिंग

फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स में पायलटों की युद्धक क्षमता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जाता है।प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को जटिल हवाई अभियानों की योजना बनाने, युद्ध की परिस्थितियों में रणनीतिक निर्णय लेने और मिशन का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।भावना कंठ का इस स्तर के प्रशिक्षण को पूरा करना भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलटों की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।

गांव के सरकारी स्कूल से शुरू हुई थी पढ़ाई

भावना कंठ की शुरुआती शिक्षा उनके पैतृक गांव के सरकारी विद्यालय में हुई। उनके पिता वेद नारायण कंठ बेगूसराय में बिजली विभाग में कार्यरत थे। इसी वजह से आगे की पढ़ाई के लिए भावना बेगूसराय चली गईं।इसके बाद उन्होंने पटना और दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल की।भावना वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना की शुरुआती महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुई थीं।

2019 में भी रचा था इतिहास

भावना कंठ ने वर्ष 2019 में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने लड़ाकू विमान से दिन के समय कॉम्बैट मिशन के लिए योग्यता हासिल की थी।इसके बाद लगातार अपनी पेशेवर क्षमता और प्रशिक्षण के जरिए उन्होंने भारतीय वायुसेना में नई पहचान बनाई।अब फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा कर उन्होंने अपने नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर ली है।

बाउर गांव में खुशी की लहर

भावना कंठ की नई उपलब्धि की खबर से उनके पैतृक गांव बाउर में भी खुशी का माहौल है।गांव के नरेंद्र कुमार दास उर्फ बच्चन ने बताया कि पायलट बनने के बाद भी भावना अपने गांव और परिवार से जुड़ी हुई हैं और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए गांव आती रहती हैं।भावना की चाची किरण देवी ने भी उनकी सफलता पर खुशी जताते हुए इसे परिवार और गांव के लिए गर्व का विषय बताया।

बिहार की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

दरभंगा के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनने और अब फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा करने तक भावना कंठ का सफर बेहद प्रेरणादायक है।उनकी उपलब्धि न सिर्फ मिथिलांचल और बिहार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देशभर की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपना करियर बनाने का सपना देखती हैं।

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