कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हुए विरोध और कथित हमले को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा प्राप्त है और उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली गई है। उनके मुताबिक, मौके पर सिक्योरिटी डायरेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे तथा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत अपना काम किया।शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से सीधे यह जानकारी ली कि क्या उनकी और ममता बनर्जी के बीच कोई बातचीत हुई थी। अधिकारियों ने ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया। उन्होंने टीवी फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया कि मौके पर एक वरिष्ठ पुलिस डीसी के नेतृत्व में पुलिस ने पूरा सहयोग किया और वहां भाजपा का कोई प्रमुख चेहरा या पार्टी का झंडा दिखाई नहीं दिया।
ममता बनर्जी के मौके पर पहुंचने पर उठाए सवाल
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि किसी परिवार के लोग किसी नेता को अपने घर या परिसर में प्रवेश नहीं देना चाहते हैं, तो ऐसी स्थिति में जबरदस्ती अंदर जाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई परिवार मदद के लिए बुलाता है या हस्तक्षेप चाहता है, तो मदद जरूर की जानी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि बिना बुलाए ऐसे मौके पर पहुंचना, खासकर जब वहां विकास कार्य चल रहा हो, उचित नहीं है। हालांकि उन्होंने ममता बनर्जी की उम्र और पूर्व मुख्यमंत्री के पद का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान दिया जाना चाहिए।
‘पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे’
शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपना काम किया और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई।
ममता बनर्जी ने लगाया हमले का आरोप
दरअसल, ममता बनर्जी रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के मृत कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिजनों से मिलने पहुंची थीं। इस दौरान उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन को घेरकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर कीचड़, जूते और पत्थर फेंके। उन्होंने दावा किया कि उनकी कार पर ईंट के बड़े टुकड़े भी फेंके गए, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता था।
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस को उनके दौरे की पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।ममता बनर्जी ने राज्य सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए ‘गुंडों’ के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया है।
