पटना: बिहार पृथ्वी दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को लोक सेवक आवास परिसर में पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने परिसर में कल्पतरु और रुद्राक्ष के पौधे लगाए और लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान बनाने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर लिए जाने वाले संकल्पों को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर 11 सूत्री संकल्प
बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर 11 सूत्री संकल्प जारी किया गया। इसमें प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने, उसकी सुरक्षा एवं देखभाल करने और उसे वृक्ष बनाने का संकल्प प्रमुख रूप से शामिल है।इसके अलावा लोगों से अपने आसपास के तालाब, नदी, पोखर और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई।
पानी बचाने और वर्षा जल संचयन पर जोर
संकल्प पत्र में आवश्यकता से अधिक जल का इस्तेमाल नहीं करने और उपयोग के बाद नल बंद रखने पर जोर दिया गया। साथ ही घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में वर्षा जल संचयन के लिए परिवार के सदस्यों को प्रेरित करने की बात कही गई।
बिजली की बचत का भी संकल्प
पर्यावरण संरक्षण के लिए बिजली के इस्तेमाल को भी सीमित रखने का संकल्प लिया गया। लोगों से आवश्यकता के अनुसार ही बिजली का उपयोग करने और घर से बाहर निकलते समय बल्ब एवं पंखे बंद करने की अपील की गई।
कूड़ेदान में डालें कूड़ा, प्लास्टिक से करें परहेज
11 सूत्री संकल्प में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है। लोगों से घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने तथा कूड़े को निर्धारित कूड़ेदान में डालने की अपील की गई।इसके साथ ही प्लास्टिक और पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद कर कपड़े या कागज के थैलों का उपयोग करने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प शामिल किया गया है।
पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम और साइकिल इस्तेमाल पर जोर
संकल्प में जीव-जंतुओं एवं पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता रखने और यथासंभव उनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया।नजदीकी स्थानों तक जाने के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने तथा कागज के अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील भी की गई।
खुले में शौच नहीं करने का संकल्प
11 सूत्री संकल्प में खुले में शौच नहीं करने और शौचालय का इस्तेमाल करने की बात भी शामिल है। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ-साथ सामूहिक अभियान बनाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
