Jharkhand: धनबाद में नकली नमक फैक्ट्री का भंडाफोड़, टाटा कंपनी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो गिरफ्तार

धनबाद: धनबाद पुलिस और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की रिसर्च टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक हाई-प्रोफाइल नकली नमक फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। गुरू नानक कॉलेज के निकट भूदा मुख्य मार्ग पर संचालित इस अवैध यूनिट में कथित तौर पर टाटा और पतंजलि ब्रांड के पैकेटों में डुप्लीकेट नमक भरकर झारखंड और पश्चिम बंगाल के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था।

गुप्त सूचना के बाद हुई छापेमारी

जानकारी के अनुसार, टाटा कंपनी के अनुसंधान अधिकारी अंजन कुमार को सूचना मिली थी कि धनबाद में टाटा ब्रांड के नाम पर नकली नमक तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा है। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी धनबाद पुलिस को दी।सूचना के आधार पर पुलिस और कंपनी की टीम ने संयुक्त रूप से गुप्त निगरानी के बाद फैक्ट्री में छापेमारी की।

फैक्ट्री संचालक और उसके पिता गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री संचालक शुभम अग्रवाल और उनके पिता को गिरफ्तार कर लिया। मौके से भारी मात्रा में नकली नमक, ब्रांडेड पैकिंग सामग्री और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए।

झारखंड और बंगाल में सप्लाई का संदेह

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि नकली नमक का यह कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि तैयार माल झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था।

ट्रेडमार्क उल्लंघन और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा मामला

पुलिस के अनुसार मामला केवल नकली उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ता सुरक्षा और ट्रेडमार्क उल्लंघन से भी जुड़ा हुआ है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसके तार किन क्षेत्रों तक फैले हुए हैं।

लैब जांच के लिए भेजे गए नमूने

बरामद नमक और अन्य सामग्री के नमूने परीक्षण के लिए कंपनी की प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर नमक की गुणवत्ता और उसकी वास्तविक संरचना की पुष्टि की जाएगी।

सप्लाई चेन की भी होगी जांच

थाना प्रभारी मनोहर करमाली ने बताया कि नकली खाद्य उत्पादों के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सप्लाई चेन, खरीदारों, आपूर्तिकर्ताओं और संभावित बिचौलियों की भी पहचान की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

उपभोक्ताओं की सेहत पर मंडरा रहा था खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, नकली खाद्य उत्पादों का कारोबार उपभोक्ताओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।धनबाद: धनबाद पुलिस और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की रिसर्च टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक हाई-प्रोफाइल नकली नमक फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। गुरू नानक कॉलेज के निकट भूदा मुख्य मार्ग पर संचालित इस अवैध यूनिट में कथित तौर पर टाटा और पतंजलि ब्रांड के पैकेटों में डुप्लीकेट नमक भरकर झारखंड और पश्चिम बंगाल के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था।

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