पटना: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विभाग संभालने के बाद पहला बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह को पद से हटा दिया है। मंत्री के निरीक्षण के दौरान डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए थे, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
डॉ गीता सिन्हा को बनाया गया नया प्राचार्य
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से पीएमसीएच प्राचार्य के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह डॉ गीता सिन्हा को पीएमसीएच का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
बेतिया मेडिकल कॉलेज में किया गया स्थानांतरण
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के मुताबिक, डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह को प्राध्यापक, मनोरोग विभाग के रूप में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय बेतिया में पदस्थापित किया गया है। उन्हें पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
बिना अवकाश ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी कार्यक्रम के दौरान डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह बिना अवकाश लिए ड्यूटी से अनुपस्थित थे। आरोप है कि उन्होंने अपनी अनुपस्थिति के दौरान किसी अन्य अधिकारी को प्रभार भी नहीं सौंपा था।
निजी क्लिनिक में मरीज देखने का आरोप
बताया जा रहा है कि जिस समय स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पीएमसीएच में मरीजों और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा ले रहे थे, उसी समय डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह अपने निजी क्लिनिक में मरीजों का इलाज कर रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने कार्रवाई की।
सरकारी वाहन के दुरुपयोग का भी आरोप
डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह पर अपने निजी क्लिनिक में सरकारी वाहन रखने का आरोप भी लगा है। हालांकि इस मामले में विभागीय स्तर पर आगे की जांच की जा सकती है।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि पीएमसीएच में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
