Bengal: टीएमसी के 20 बागी सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में होंगे शामिल, एनडीए को देंगे समर्थन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने पार्टी से अलग राह अपनाने का फैसला करते हुए नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की है।बागी सांसदों की अगुवाई कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर संसद में अलग बैठने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका समूह अब एनडीए का समर्थन करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्य करेगा।
“हम एनडीए का हिस्सा होंगे” : काकोली घोष
काकोली घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बागी सांसदों का समूह नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेगा। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ टीएमसी के दो-तिहाई से अधिक सांसद हैं और वे अब राष्ट्रीय हित में एनडीए के साथ काम करेंगे।
सुदीप बनर्जी बोले- असली टीएमसी हम हैं
टीएमसी के वरिष्ठ नेता और बागी खेमे के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि उनका समूह नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेगा, लेकिन साथ ही यह दावा भी करेगा कि “असली टीएमसी” वही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
क्या है नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी?
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी एक अपेक्षाकृत नई राजनीतिक पार्टी है, जिसका गठन वर्ष 2023 में हुआ था। पार्टी की मौजूदगी मुख्य रूप से त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बताई जाती है। पार्टी पहले त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा ले चुकी है।
केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसदों और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच हुई बैठक के बाद विलय को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। इस बैठक में भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब की मौजूदगी की भी चर्चा है। बाद में बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की।
दल-बदल कानून पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बीच राजनीतिक और कानूनी बहस भी तेज हो गई है। कुछ नेताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि दल-बदल कानून के तहत इस तरह के कदम की वैधता को लेकर कानूनी चुनौती सामने आ सकती है। मामले पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत होगा।
इन सांसदों के नाम आए सामने
बागी खेमे में शामिल बताए जा रहे सांसदों में काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सायोनी घोष, माला रॉय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, सुदीप बंदोपाध्याय समेत कुल 20 सांसदों के नाम चर्चा में हैं।
बंगाल की राजनीति में मचा हड़कंप
टीएमसी के भीतर चल रहे असंतोष के बीच यह घटनाक्रम पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यदि यह विलय औपचारिक रूप से मान्य होता है तो इसका असर न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति बल्कि संसद के शक्ति संतुलन पर भी पड़ सकता है।



