Bihar: मोहन भागवत तीन दिवसीय बिहार दौरे पर पहुंचे, मुंगेर में 700 स्वयंसेवकों को देंगे मार्गदर्शन

पटना: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार को तीन दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत हो रहे इस दौरे को संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पटना एयरपोर्ट पर उनका स्वागत बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और भाजपा नेताओं ने किया।

शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों का हिस्सा है दौरा

आरएसएस अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इन्हीं आयोजनों की श्रृंखला में मोहन भागवत का बिहार दौरा भी शामिल है। संघ के अनुसार, शताब्दी वर्ष का उद्देश्य संगठन की विचारधारा, कार्यशैली और भविष्य की दिशा को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना है।

मुंगेर में संघ शिक्षा वर्ग में होंगे शामिल

पटना पहुंचने के बाद मोहन भागवत मुंगेर रवाना होंगे, जहां 7 से 9 जून तक आयोजित होने वाले संघ शिक्षा वर्ग में भाग लेंगे। यह प्रशिक्षण शिविर मुंगेर के पुरानागंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित किया जा रहा है। शिविर में बिहार और झारखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 700 चयनित स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।

स्वयंसेवकों को देंगे संगठनात्मक मार्गदर्शन

शिविर के दौरान भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे और राष्ट्र निर्माण, संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता तथा स्वयंसेवकों की भूमिका जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। संघ सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवक आगे विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने का कार्य करेंगे।

बिहार में सामाजिक समरसता पर विशेष जोर

आरएसएस शताब्दी वर्ष के दौरान समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। बिहार जैसे सामाजिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में यह दौरा संगठन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

मोहन भागवत के दौरे की प्रमुख बातें

7 से 9 जून तक मुंगेर में रहेंगे मोहन भागवत।
संघ शिक्षा वर्ग में लगभग 700 स्वयंसेवक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवक विभिन्न क्षेत्रों में संगठन का विस्तार करेंगे।
सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर विशेष जोर।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की आगामी रूपरेखा पर चर्चा।
युवाओं को जोड़ने के लिए आपदा प्रबंधन सहित आधुनिक विषयों पर प्रशिक्षण।
मुंगेर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
9 जून के बाद संगठनात्मक गतिविधियों के लिए नया रोडमैप तैयार होने की संभावना।


संगठनात्मक रणनीति पर होगा मंथन

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान संगठन विस्तार, स्वयंसेवकों की भूमिका, सामाजिक सहभागिता और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर भी चर्चा होगी। आरएसएस शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में अपने जनसंपर्क और सामाजिक अभियानों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

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