Bihar: आईसीयू में लगी आग से 5 मरीजों की मौत सहित 15 से अधिक घायल, जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल में गुरुवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने से अब तक 5 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 15 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

तड़के आईसीयू में लगी आग, धुएं से बिगड़ी मरीजों की हालत

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 3 बजे प्रसाद अस्पताल के आईसीयू वार्ड में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। आईसीयू में मौजूद ऑक्सीजन मशीन, हार्ट मॉनिटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बीच आग तेजी से फैल गई, जिससे पूरे वार्ड में घना धुआं भर गया।धुएं के कारण आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ गई और उन्हें बाहर निकालने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

15 मरीजों का रेस्क्यू, 5 की मौत

फायर विभाग की टीम को सुबह करीब 3:55 बजे घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही छह दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। आईसीयू से कुल 15 मरीजों को बाहर निकाला गया।नगर आयुक्त ऋतुराज सिंह ने बताया कि अब तक 5 मरीजों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि घटना के समय आईसीयू में 13 से 15 मरीज भर्ती थे। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और सभी मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।उन्होंने कहा कि प्रशासन मरीजों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है तथा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पांच सदस्यीय जांच समिति गठित

घटना में संभावित लापरवाही की जांच के लिए जिला प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। इस टीम में एडीएम, एसडीएम, एसडीपीओ समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।नगर आयुक्त ऋतुराज सिंह ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं हुई।

अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान अस्पताल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। प्रशासन अब अस्पताल में मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की भी जांच करेगा।

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