झारखंड के जमशेदपुर में रविवार को बीएड, एमएड और बीपीएड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान ग्रेजुएट कॉलेज परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा हुआ। कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने से रोक दिए जाने पर छात्रों ने केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। नाराज विद्यार्थियों ने गेट फांदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की भी कोशिश की।
रिपोर्टिंग टाइम और दस्तावेज सत्यापन को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार परीक्षा के लिए रिपोर्टिंग समय सुबह 10:15 बजे निर्धारित था, जबकि परीक्षा 10:30 बजे शुरू होनी थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले ही कॉलेज परिसर पहुंच गए थे, लेकिन प्रवेश द्वार पर दस्तावेज सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं के कारण उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।छात्रों ने आरोप लगाया कि गेट पर तैनात कर्मियों ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा, जिससे समय लगातार बीतता गया और बाद में प्रवेश से वंचित कर दिया गया।
कुछ छात्रों को एंट्री, कुछ को रोका गया
अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले कई छात्रों को जल्दबाजी में प्रवेश दे दिया गया, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को बाहर ही रोक दिया गया। इसी को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। उनका कहना था कि जब कुछ उम्मीदवारों को अंतिम समय में प्रवेश दिया गया, तो बाकी छात्रों को परीक्षा देने से क्यों रोका गया।
एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने की आशंका
विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि वे भले ही रिपोर्टिंग समय से कुछ मिनट देरी से पहुंचे हों, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे उनका एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।छात्रा प्रिया सिंह, हाजरा खातून, जियासवारी दास और ज्योति समेत कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि मामूली देरी को आधार बनाकर उन्हें परीक्षा से वंचित किया गया, जबकि वे समय रहते केंद्र पहुंच चुके थे।
परीक्षा प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद परीक्षा प्रबंधन और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और स्पष्ट दिशा-निर्देशों की मांग की है। वहीं, परीक्षा केंद्र पर हुए हंगामे के बाद मामले की चर्चा पूरे शहर में हो रही है।
