भागलपुर के एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास बने मकानों को लेकर नगर निगम द्वारा जारी नोटिस के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रभावित लोग निगम कार्यालय पहुंचे। नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि होने के कारण दिनभर निगम कार्यालय में गहमागहमी रही। लोगों ने नोटिस तत्काल वापस लेने या कार्रवाई स्थगित करने की मांग करते हुए निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
‘वर्षों से बसे लोगों को अचानक नोटिस देना अनुचित’
प्रभावित लोगों का कहना था कि वे वर्षों से वैध रूप से यहां रह रहे हैं, लेकिन अचानक नोटिस जारी कर नक्शा और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिससे लोगों में असमंजस और भय का माहौल बन गया है। उनका आरोप है कि मेयर की अनुशंसा के बावजूद निगम की ओर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया।
उपनगर आयुक्तों के साथ हुई बैठक
नगर निगम सभागार में उपनगर आयुक्त आमिर सोहेल और राजेश पासवान की अध्यक्षता में नोटिसधारकों के साथ बैठक हुई। वार्ड-31 सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए नोटिस रद्द या स्थगित करने की मांग की।
मेयर की अनुशंसा का दिया हवाला
लोगों ने बताया कि सोमवार को उन्होंने मेयर डॉ. बसुंधरा लाल से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी थी। इसके बाद मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर एयरपोर्ट क्षेत्र में जारी नोटिस और प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की अनुशंसा की थी। बावजूद इसके मंगलवार तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ।
ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई रोकने की मांग
मुकेश मिश्रा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि अधिकांश परिवारों ने वर्षों पहले वैध रूप से भूमि खरीदकर मकान बनाए हैं। ऐसे में अचानक नोटिस जारी कर लोगों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। लोगों ने मेयर की अनुशंसा के आधार पर नोटिस प्रक्रिया तत्काल स्थगित करने की मांग की।
नगर निगम ने बताई नोटिस जारी करने की वजह
उपनगर आयुक्तों ने बताया कि एयरपोर्ट क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र है। जिला प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षा मानकों और निर्माण नियमों के अनुपालन की जांच के लिए सर्वे कराया गया था। उसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि नियमों के पालन के तहत की जा रही है।
बिना स्वीकृत नक्शे वाले भवनों के लिए लगेगा विशेष शिविर
बैठक के दौरान नगर निगम ने घोषणा की कि जिन भवनों का नक्शा स्वीकृत नहीं है, उनके लिए अगले दो महीने के भीतर विशेष शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर में भवन नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा नगर आयुक्त से वार्ता
अधिकारियों ने बताया कि लोगों की आपत्तियों और सुझावों को नगर आयुक्त के समक्ष रखा जाएगा। इसके लिए क्षेत्र के पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल गठित किया जाएगा, जो नगर आयुक्त के साथ बैठक कर स्थानीय लोगों का पक्ष रखेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे से भी मिले प्रभावित
नगर निगम कार्यालय से निकलने के बाद प्रभावित लोग सर्किट हाउस पहुंचे और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। चौबे ने अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने और किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने देने का भरोसा दिया।
