पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। सादोमसाई नदी किनारे झाड़ियों के पास शौच के लिए निकले 35 वर्षीय ढुका पुरती पर अचानक दो भालुओं ने हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। भालुओं ने उसके सिर, नाक, कान, चेहरे, पीठ और हाथ सहित शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोच डाला।
10 से 15 मिनट तक भालुओं से जूझता रहा युवक
जानकारी के अनुसार, ढुका पुरती सुबह करीब 4:30 बजे गांव के समीप नदी की ओर गया था। इसी दौरान झाड़ियों में मौजूद दो भालुओं ने उस पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए युवक ने साहस दिखाते हुए भालुओं का सामना किया।करीब 10 से 15 मिनट तक संघर्ष चलता रहा। इस दौरान भालुओं ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। आखिरकार ढुका पुरती जोर-जोर से चिल्लाने लगा, जिसके बाद दोनों भालू नदी किनारे की झाड़ियों की ओर भाग गए।
ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल
युवक की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण प्रदीप बिरुवा, मनोरंजन पुरती और चोंग पुरती मौके पर पहुंचे। तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। घटना की सूचना मिलने पर पंचायत मुखिया लक्ष्मी पिंगुवा और पंचायत समिति सदस्य सरोज बिरुवा भी मौके पर पहुंचीं।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मदद से घायल युवक को तत्काल निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांव पहुंचाया गया।
तीन घंटे तक चला उपचार, चाईबासा रेफर
अस्पताल में प्रभारी चिकित्सक डॉ. सनातन चातार, हरदेव सिंकु, राम होनहागा, शांति सुमन सोरेंग और उषा कंडुलना की टीम ने घायल का उपचार किया। चिकित्सकों ने उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगे गंभीर घावों में तीन घंटे से अधिक समय तक टांके लगाए।प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया गया है।
गांव में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए तो वे वन विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
