रांची : झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव ने सूबे का सियासी पारा बढ़ा दिया है। दिल्ली से लेकर रांची तक बैठकों का दौर जारी है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को कांग्रेस के तीन कद्दावर नेताओं के रांची पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत, सीधे पहुंचे सीएम आवास
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का मल्लू और एआईसीसी सचिव डॉ. सिरिवेला प्रसाद के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। स्वागत करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और सुबोधकांत सहाय जैसे दिग्गज शामिल थे।एयरपोर्ट से यह काफिला बिना देर किए सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पहुंचा, जहां बंद कमरे में घंटों महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
कांग्रेस की एक सीट पर ‘मजबूत दावेदारी’
सूत्रों के मुताबिक, इंडिया गठबंधन के भीतर कांग्रेस इस बार राज्यसभा की एक सीट पर अपनी ठोस दावेदारी पेश कर रही है। कांग्रेस आलाकमान का संदेश लेकर आए ये नेता मुख्यमंत्री के साथ सीट शेयरिंग जिसमे दो सीटों में से एक सीट कांग्रेस के खाते में सुनिश्चित करना। आगामी चुनाव में एकजुटता बनाए रखना और वोटों के बिखराव को रोकना।गठबंधन के भीतर संख्या बल और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा किये।
क्या गठबंधन में बनेगी बात?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव की इन दो सीटों को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। कांग्रेस अपने संख्या बल के आधार पर दावेदारी जता रही है, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की रणनीति भी इस चुनाव में काफी अहम होगी।मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक के नतीजे ही तय करेंगे कि राज्यसभा की रेस में गठबंधन का चेहरा कौन होगा। क्या कांग्रेस आलाकमान हेमंत सोरेन को मनाने में कामयाब होगा?
