पुणे : नीट-यूजी पेपर लीक मामले की तफ्तीश कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो ने देशव्यापी कार्रवाई के तहत महाराष्ट्र के पुणे से एक महिला लेक्चरर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मनीषा संजय हवलदार, पुणे के प्रतिष्ठित ‘सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला’ में कार्यरत हैं। मनीषा पर आरोप है कि उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा मिले विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए परीक्षा से पहले ही फिजिक्स (भौतिकी) का प्रश्नपत्र लीक कर चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया था।इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई अब तक देश के अलग-अलग राज्यों (दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर) से 11 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एनटीए की ‘एक्सपर्ट’ ही निकली पेपर लीक की मुख्य सूत्रधार
सीबीआई के प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मनीषा संजय हवलदार कोई साधारण शिक्षिका नहीं बल्कि नीट परीक्षा के गोपनीय पैनल का हिस्सा थीं । नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा बकायदा विशेषज्ञ नियुक्त किए जाने के बाद मनीषा हवलदार नीट-यूजी की पूरी गोपनीय प्रक्रिया में शामिल हुई थीं। इसी वजह से फिजिक्स के प्रश्नपत्र तक उनकी सीधी और सुरक्षित पहुंच थी। जांच में खुलासा हुआ है कि मनीषा हवलदार ने परीक्षा से काफी पहले, अप्रैल महीने में ही फिजिक्स के कुछ बेहद गोपनीय प्रश्न अपनी सह-आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा कर दिए थे।याद दिला दें कि सीबीआई ने इससे पहले 16 मई को पुणे की ही वनस्पति विज्ञान की शिक्षिका मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ के बाद हवलदार का नाम सामने आया।
लीक हुए प्रश्न हूबहू नीट परीक्षा के पेपर से मैच हुए
केंद्रीय जांच एजेंसी ने तकनीकी और वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद इस बात की पुष्टि की है कि आरोपी मनीषा हवलदार द्वारा लीक किए गए और अभ्यर्थियों के साथ साझा किए गए प्रश्न, नीट-यूजी 2026 की मुख्य परीक्षा में आए फिजिक्स के असली प्रश्नों से हूबहू (100%) मेल खाते थे। इस खुलासे ने एनटीए की सुरक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता की पूरी तरह हवा निकाल दी है।
देशव्यापी छापेमारी: लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त
सीबीआई ने इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए देश के कई राज्यों में एक साथ ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया है। छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डायरियां और लाखों रुपये के संदिग्ध बैंक स्टेटमेंट्स मिले हैं।सीबीआई ने आरोपियों के पर्सनल लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन जब्त कर लिए हैं। फॉरेंसिक टीम और साइबर विशेषज्ञ इन उपकरणों के डिलीट किए गए डेटा, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में और कितने कड़े चेहरे शामिल हैं।
“वास्तविक स्रोत” तक पहुंची जांच; और होंगी गिरफ्तारियां
सीबीआई का दावा है कि मनीषा हवलदार और मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी पेपर लीक के ‘वास्तविक और मूल स्रोत’ तक पहुंच चुकी है। इस शिक्षा माफिया नेटवर्क से जुड़े कई बड़े कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और कतिपय रसूखदार अधिकारियों के नाम भी रडार पर हैं। आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों से भी कुछ बेहद चौंकाने वाली गिरफ्तारियां संभावित हैं।
