
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चल रहे 69 हजार शिक्षक भर्ती मामला को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को राजधानी लखनऊ में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास की ओर सड़क पर रेंगते हुए मार्च निकाला।भीषण गर्मी के बीच किए गए इस अनोखे प्रदर्शन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और अदालत में प्रभावी पैरवी भी नहीं की जा रही।
सड़क पर रेंगते हुए जताया विरोध
सोमवार 18 मई को अभ्यर्थी राजधानी में बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।विरोध दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थियों ने सड़क पर रेंगते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे एक अभ्यर्थी ने कहा, “हमारी हालत कीड़े-मकोड़ों से भी बदतर हो गई है, इसलिए हमने यह तरीका अपनाया है।”
31 मई को अगली सुनवाई
अभ्यर्थियों का कहना है कि मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होनी है, लेकिन अब तक सरकार और संबंधित विभाग उनकी ओर से मजबूती से पक्ष नहीं रख रहे हैं।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद के समाधान के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे। उन्होंने सरकार से कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने और भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग की।
लंबे समय से जारी है विवाद
69 हजार शिक्षक भर्ती मामला पिछले कई वर्षों से विवादों में बना हुआ है। अभ्यर्थी लगातार आरक्षण, चयन सूची और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।इससे पहले भी कई बार अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन, पैदल मार्च और सोशल मीडिया अभियान चलाकर अपनी मांगें उठाई हैं।



