
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में सोमवार तड़के एक सनसनीखेज घटना सामने आई। अस्पताल के हाई-टेक लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग कैंसर मरीज का गला कटा शव मिलने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गए। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए हत्या के एंगल से भी जांच जारी है।
सुबह 4:30 बजे सामने आया मामला
मृतक की पहचान 61 वर्षीय मुस्ताक अली के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बस्ती जिले के रहने वाले थे। वह पिछले एक महीने से संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट वार्ड के बेड नंबर 11 पर भर्ती थे और लिवर कैंसर से पीड़ित थे।बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे बगल के बेड पर भर्ती मरीज ने मुस्ताक अली को खून से लथपथ हालत में देखा। उनका गला किसी धारदार वस्तु से कटा हुआ था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
मौके से मिला खून से सना ब्लेड
पुलिस के अनुसार घटनास्थल से खून से सना एक सर्जिकल ब्लेड बरामद किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इसी ब्लेड से गला काटा गया।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के समय मृतक का भाई मुख्तार अली उसी वार्ड में उनके बेड के पास जमीन पर सो रहा था। उसने पुलिस को बताया कि उसे किसी तरह की चीख-पुकार या संदिग्ध आवाज सुनाई नहीं दी।
आत्महत्या या साजिश? पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुस्ताक अली लंबे समय से कैंसर के दर्द और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। इसी वजह से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि कई सवाल अभी भी जांच के दायरे में हैं—
मरीज के पास सर्जिकल ब्लेड कैसे पहुंचा?
क्या अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से ब्लेड वार्ड में पहुंचा?
क्या किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री हुई थी?
कहीं इसके पीछे कोई पारिवारिक विवाद या पुरानी रंजिश तो नहीं?
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब वार्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना के समय किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।घटना की गंभीरता को देखते हुए कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।



