Bengal: चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड अब सीबीआई के हवाले जांच, डीआईजी रैंक के 7 अधिकारियों की टीम गठित

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार की सिफारिश पर डीओपीटी ने चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बंगाल पुलिस की एसआईटी से केस हैंडओवर लेने के बाद अब केंद्रीय एजेंसी इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की कड़ियाँ जोड़ेगी।
सीबीआई की ‘पावरफुल’ टीम तैयार
सूत्रों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। जांच के लिए डीआईजी रैंक के 7 वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम बनाई गई है।टीम न केवल शूटरों, बल्कि इस हत्या के पीछे के ‘मास्टरमाइंड’ और राजनीतिक साजिश के कोणों की भी गहनता से पड़ताल करेगी।
बिहार और यूपी से हुई गिरफ्तारियां
हाल ही में बंगाल पुलिस की एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन मुख्य आरोपियों मयंक राज मिश्रा (बिहार),विक्की मौर्य (बिहार) और राज सिंह (बलिया, उत्तर प्रदेश)को गिरफ्तार किया है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं। इन तीनों ने हत्या को कैसे अंजाम दिया और इन्हें किसने सुपारी दी थी, अब सीबीआई इन पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
क्या थी 6 मई की रात की घटना?
यह सनसनीखेज वारदात 6 मई 2026 की रात करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच हुई थी। चन्द्रनाथ रथ नॉर्थ 24 परगना स्थित अपने घर लौट रहे थे। तभी एक कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया और उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। चुनाव परिणामों के तुरंत बाद हुई इस हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को गरमा दिया था।
एसआईटी से सीबीआई तक का सफर
शुरुआत में बंगाल पुलिस ने एसआईटी का गठन कर त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को अंतर-राज्यीय सीमाओं से पकड़ा। हालांकि, निष्पक्ष जांच और मामले के व्यापक प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया।



