Uttar Pradesh: मुख्तार गैंग के 61 ठिकानों पर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 24 हिरासत में

गाजीपुर : गाजीपुर पुलिस ने मुख्तार अंसारी के आपराधिक साम्राज्य को जड़ से मिटाने के लिए ‘ऑपरेशन वज्र’ के तहत एक साथ 61 ठिकानों पर छापेमारी की। इस सघन अभियान का मुख्य केंद्र मुख्तार की फरार पत्नी आफ्शां अंसारी (50,000 की इनामी) की तलाश और गैंग की आर्थिक व सैन्य (हथियार) शक्ति को कुचलना रहा।

‘फाटक’ पर पुलिस की दस्तक और पूछताछ

अभियान की सबसे बड़ी हलचल मुहम्मदाबाद स्थित अंसारी परिवार के पैतृक आवास ‘फाटक’ पर देखी गई। भारी पुलिस बल ने आफ्शां अंसारी का सुराग पाने के लिए आवास के चप्पे-चप्पे को खंगाला। पुलिस टीम ने मुख्तार के बड़े भाई और पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी से लंबी पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आफ्शां को शरण देने में किन सफेदपोशों या रिश्तेदारों का हाथ है।

12 टीमों का चक्रव्यूह और 24 हिरासत में

एसपी डॉ. ईरज राजा के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जिले के 5 थानों की 12 विशेष टीमें बनाई गई थीं। मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, करंडा, जंगीपुर और सदर कोतवाली क्षेत्र में एक साथ छापे मारे गए। संदिग्ध गतिविधियों और गैंग से जुड़ाव के आधार पर 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस इनसे गुप्त ठिकानों पर पूछताछ कर रही है ताकि गैंग की भविष्य की योजनाओं को विफल किया जा सके।

हथियारों के लाइसेंस और आर्थिक साम्राज्य पर चोट

पुलिस अब माफिया नेटवर्क की मारक क्षमता और आय के स्रोतों को निशाना बना रही है। गैंग से जुड़े सदस्यों के पास मौजूद 90 लाइसेंसी हथियारों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया गया है। जिन शस्त्रों के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं, उनकी बारीकी से जांच हो रही है कि वे जमा कराए गए हैं या नहीं।पुलिस प्रशासन सभी 61 सदस्यों का नया ‘डोजियर’ तैयार कर रहा है। इसमें उनकी चल-अचल संपत्ति, बैंक खाते और अवैध आय का पूरा ब्योरा शामिल होगा।

क्यों जरूरी था यह ऑपरेशन?

एसपी डॉ. ईरज राजा के अनुसार, पुलिस को इनपुट मिले थे कि गैंग के सदस्य जिले की शांति व्यवस्था बिगाड़ने और अवांछनीय गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। ‘ऑपरेशन वज्र’ का उद्देश्य इन मंसूबों को समय रहते नाकाम करना और फरार अपराधियों पर आत्मसमर्पण का दबाव बनाना है।

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