मध्य प्रदेश में किसानों की विभिन्न समस्याओं और भाजपा सरकार की कथित अनदेखी के खिलाफ गुरुवार को कांग्रेस ने राज्यव्यापी चक्काजाम आंदोलन किया। इस दौरान आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एबी रोड) पर कई जगहों पर यातायात प्रभावित रहा।इंदौर के पिगडंबर क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि प्रदर्शन के दौरान फंसी एक एंबुलेंस को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रास्ता देकर निकाला।
जीतू पटवारी बोले- “भाजपा राज में किसान खून के आंसू रो रहा”
जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2023 में किसानों से कई वादे किए थे, लेकिन तीन साल बाद भी वे पूरे नहीं हुए।उन्होंने कहा, “हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि मोदी गारंटी का क्या हुआ। शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि किसानों की आय आठ गुना बढ़ गई, जबकि 97 प्रतिशत किसान कर्ज में डूबे हैं।”पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान भाजपा शासन में “खून के आंसू रो रहा है” और कांग्रेस किसानों को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरी है।
जेल सत्याग्रह की भी दी चेतावनी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज करती है, तो पार्टी “जेल सत्याग्रह” भी करेगी।उन्होंने कहा, “तीन साल तक इंतजार किया। अब किसान के बेटे सड़क सत्याग्रह के जरिए सरकार को जगाना चाहते हैं। अगर सरकार कार्रवाई करेगी तो हम जेल भरो आंदोलन के लिए भी तैयार हैं।”
एमएसपी और फसल कीमतों को लेकर सरकार पर हमला
पटवारी ने सरकार पर किसानों से किए गए वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि धान के 3100 रुपये, गेहूं के 2700 रुपये और सोयाबीन के 6000 रुपये प्रति क्विंटल देने के दावे पूरे नहीं किए गए।उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस इन मुद्दों पर सवाल पूछती है, तो सरकार जवाब देने के बजाय पुराने मुद्दे उठाने लगती है।
“आम जनता को परेशान करना उद्देश्य नहीं”
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में जीतू पटवारी ने कहा कि चक्काजाम का उद्देश्य आमजन को परेशान करना नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि आंदोलन के दौरान जनता को कम से कम असुविधा हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए।उन्होंने कहा, “जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हम मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान को चैन से नहीं बैठने देंगे।”
विक्रांत भूरिया ने कहा- “मंडियां कॉर्पोरेट का अड्डा बन गई हैं”
विक्रांत भूरिया ने इंदौर में प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि राज्य में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।उन्होंने कहा कि सोयाबीन भावांतर योजना में “जबरदस्त लूट” हो रही है और मंडियां “कॉर्पोरेट का अड्डा” बन चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने में विफल रही है।भूरिया ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि किसानों के मुद्दों पर आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
सत्यनारायण पटेल बोले- “सरकार कुंभकर्ण की नींद में”
सत्यनारायण पटेल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर “कुंभकर्ण की नींद” में सोई हुई है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद पर्याप्त नहीं हो रही और किसान खाद-बीज की समस्या से जूझ रहे हैं।पटेल ने कहा, “हम किसानों के मौलिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं, कोई भीख नहीं मांग रहे।”
