गोरखपुर : पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने गोलघर स्थित काली मंदिर में विशेष यज्ञ और हवन का आयोजन किया। इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत और ‘भगवा सूर्य’ के उदय के लिए आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त करना है।
“4 मई को होगा भगवा सूर्य का उदय”
महानगर अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा पल्लू के नेतृत्व में आयोजित इस हवन के दौरान पदाधिकारियों ने ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। जितेंद्र वर्मा ने कहा कि यह यज्ञ इसलिए किया जा रहा है ताकि बंगाल की हर विधानसभा सीट पर भगवा परचम लहराए।उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘सनातन विरोधी’ करार देते हुए कहा कि बंगाल में उनके “गुंडों और अत्याचार” का अंत अब करीब है। उनके अनुसार, 4 मई का दिन वर्तमान सरकार के लिए ‘काल’ साबित होगा।
मां काली के मंदिर में अनुष्ठान का महत्व
अनुष्ठान के लिए गोलघर स्थित काली मंदिर को चुनने के पीछे कार्यकर्ताओं ने खास तर्क दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बंगाल और कोलकाता की पहचान मां काली से है, जो महिषासुर जैसे राक्षसों का वध करती हैं। गोरखपुर के इस जागृत मंदिर में मां काली से प्रार्थना की गई कि वे बंगाल की सत्ता से ‘सनातन विरोधियों’ का पत्ता साफ करें और राज्य को फिर से विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस की वैचारिक भूमि बनाएँ।
ईवीएम पर हंगामे को बताया ‘हार की तड़प’
विपक्ष द्वारा ईवीएम और चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर जितेंद्र वर्मा पल्लू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब भी सनातन विरोधी शक्तियों की हार तय होती है, वे ईवीएम और सिस्टम में धांधली का रोना रोने लगते हैं।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि माता काली ने अब ममता सरकार का ‘टिकट’ काट दिया है और अब उन्हें सत्ता से जाना ही होगा।
बंगाल की पहचान और सनातन
संघ के सदस्यों का कहना है कि बंगाल कभी अपनी शक्ति पूजा और दशहरा के लिए जाना जाता था, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे सनातन विरोधी गतिविधियों का केंद्र बना दिया है। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि कल के नतीजे बंगाल की खोई हुई पहचान वापस दिलाने वाले होंगे।
