नई दिल्ली: बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को दिल्ली के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत एनडीए के कई दिग्गज नेताओं से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस दौरे का मुख्य एजेंडा बिहार में लंबित मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा को अंतिम रूप देना है।
अमित शाह के साथ अहम चर्चा
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। बैठक में बिहार में कैबिनेट के नए चेहरों, जातीय समीकरण और विकास योजनाओं पर गहन मंथन हुआ।आने वाले एक हफ्ते के भीतर बिहार में मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह की संभावना जताई जा रही है।
दिग्गज नेताओं का लिया आशीर्वाद
सम्राट चौधरी ने भाजपा के वयोवृद्ध नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा “आदरणीय आडवाणी जी का स्नेह और मार्गदर्शन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनसे मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके दीर्घायु होने की कामना की।”
विकसित भारत, समृद्ध बिहार का विजन
मुख्यमंत्री ने गठबंधन के अन्य सहयोगियों और केंद्रीय मंत्रियों के साथ भी सिलसिलेवार बैठकें कीं जिसमे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के साथ ‘विकसित भारत, समृद्ध बिहार’ के विजन पर चर्चा की। केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता ललन सिंह से मिलकर राज्य के विकास और आपसी समन्वय पर विचार-विमर्श किया।पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी शिष्टाचार मुलाकात कर बिहार से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की।
बिहार में ‘सम्राट’ युग की शुरुआत
बता दें कि 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वे प्रदेश में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वर्तमान में सरकार का कामकाज छोटे मंत्रिमंडल के सहारे चल रहा है, जिसे अब विस्तार देने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
