पश्चिमी सिंहभूम। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा खदान क्षेत्र में सोमवार तड़के रोजगार की मांग को लेकर ग्रामीणों का उग्र आंदोलन शुरू हो गया। करीब 12 गांवों के ग्रामीण मुंडा-मानकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और खदान क्षेत्र के प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया। आंदोलन के कारण पूरे खदान क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और कामकाज ठप पड़ गया।
सुबह 4 बजे से सड़क जाम, खदान क्षेत्र सील
जानकारी के अनुसार करीब 100 से अधिक ग्रामीण सोमवार सुबह करीब 4 बजे से ही आंदोलन पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने सेल के साइज स्क्रीन एरिया, जीरो प्वाइंट और लोडिंग प्वाइंट को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों को पूरी तरह सील कर दिया।इस दौरान खदान क्षेत्र में जाने वाली पहली पाली की बसों को भी रोक दिया गया, जिससे कर्मचारियों और मजदूरों का आवागमन बाधित हो गया। सड़क जाम के कारण उत्पादन और डिस्पैच पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा बल तैनात, समझाने की कोशिश
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर सीआईएसएफ और झारखंड पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहे और रास्ता खोलने से साफ इनकार कर दिया।
सेल प्रबंधन ने की वार्ता
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेल प्रबंधन की ओर से गुवा एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, डीजीएम सीएसआर अनिल कुमार और अधिकारी अमित तिर्की मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों के साथ वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया।प्रबंधन की ओर से प्रस्ताव रखा गया कि हर महीने मुंडा-मानकी संघ के साथ बैठक कर प्रत्येक गांव से 2 से 3 लोगों को रोजगार देने की व्यवस्था की जाएगी।
500 युवाओं को रोजगार देने की मांग
हालांकि आंदोलनकारियों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के लगभग 500 बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।ग्रामीणों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा कई बार किया गया, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया।
वार्ता विफल, क्षेत्र में तनाव
प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद भी आंदोलन जारी है, जिससे पूरे गुवा खदान क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और खदान का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है।प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और स्थिति सामान्य कराने के प्रयास जारी हैं।
