
महू (इंदौर) : इंदौर जिले के बड़गोंदा थाना क्षेत्र स्थित बेरछा के जंगल में कॉलेज छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और इनके स्केच भी जारी किए थे।
जंगल में दबिश देकर पकड़े गए आरोपी
पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी बेरछा जंगल के आसपास ही छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी इस तरह की वारदातों में लिप्त रहे हैं।
कैसे हुई थी वारदात?
पीड़ित छात्रा 14 अप्रैल को अपने एक पुरुष मित्र के साथ लगनसा बाबा मंदिर दर्शन करने गई थी। दर्शन के बाद जब वे बेरछा जंगल के पास बैठे थे, तभी दोनों आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने युवक के साथ मारपीट की और उसे बंधक बना लिया।आरोपी छात्रा को घसीटते हुए जंगल के गहरे हिस्से में ले गए, जहाँ उन्होंने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपियों ने बदनामी और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें वहां से भगा दिया था।
एसआईटी और ड्रोन से चला सर्च ऑपरेशन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंदौर पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया।वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। घने जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद ली। साथ ही पैदल सर्च ऑपरेशन चलाकर साक्ष्य जुटाए गए।चश्मदीदों के बताए हुलिए के आधार पर स्केच बनवाए गए और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा की गई।
पिकनिक स्पॉट्स बने थे ‘शिकारगाह’
पुलिस की पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी सुनसान जंगलों, तालाबों के किनारों और पिकनिक स्पॉट्स पर घात लगाकर बैठते थे। उनका निशाना अक्सर वे जोड़े होते थे जो एकांत की तलाश में वहां पहुँचते थे। ये अपराधी न केवल दुष्कर्म बल्कि लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम देते थे।आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस घटना ने पर्यटन और पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।



