पटना: बिहार की सियासत में मंगलवार को हुई बड़ी हलचलों के बीच सम्राट चौधरी के नाम पर आधिकारिक मुहर लग गई है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें नया नेता चुना गया। इसके साथ ही बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
विजय सिन्हा ने रखा नाम का प्रस्ताव, शिवराज ने की घोषणा
मुख्यमंत्री के चयन के लिए दिल्ली से पर्यवेक्षक बनकर आए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा कार्यालय में बैठक हुई।निवर्तमान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया।शिवराज सिंह चौहान ने शीर्ष नेतृत्व के निर्णय के अनुसार सम्राट चौधरी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री घोषित किया। बैठक में प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और नितिन नवीन भी मौजूद रहे।
बुधवार को राजभवन में होगा शपथ ग्रहण
सम्राट चौधरी बुधवार (15 अप्रैल) को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।राज्यपाल सैयद अता हसनैन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।चर्चा है कि नई सरकार में जनता दल यूनाइटेड से एक या दो नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। शपथ ग्रहण समारोह को छोटा रखा जाएगा, जिसमें शामिल होने के लिए जेपी नड्डा के भी पटना पहुंचने की संभावना है।
नीतीश कुमार की भावुक विदाई
इससे पहले मंगलवार दोपहर को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की।बैठक के बाद उन्होंने सभी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ सामूहिक फोटो खिंचवाई। करीब 20 साल के कार्यकाल के समापन पर माहौल काफी भावुक रहा।दोपहर 3 बजे नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी के नाम पर स्वयं नीतीश कुमार ने भी अपनी सहमति दी है।
कौन हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी अब तक नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम और गृह मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे।वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता भी रहे हैं।उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ और आक्रामक नेतृत्व शैली के कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा था।
