Bihar: राबड़ी देवी बंगला विवाद पर बोले सम्राट चौधरी, कहा- “सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं”

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को सरकारी आवास का अत्यधिक मोह है, जबकि लोकतंत्र में सरकारी संपत्ति किसी की निजी जागीर नहीं हो सकती।

“बेटा, माता और पिता सभी को अलग घर चाहिए”

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा,”कुछ लोगों को चिंता लगी रहती है कि उनका घर बचा रहे। बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं और पिताजी अलग घर चाहते हैं। जनता को छोड़ दीजिए। हम जनता के काम के लिए आए हैं।”उनका यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली करने को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है।

“सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं”

सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी आवास जनता के टैक्स के पैसे से संचालित सार्वजनिक संपत्ति है और इसका आवंटन नियमों के अनुसार होता है।उन्होंने कहा,”मैं जब मुख्यमंत्री आवास गया तो मैंने कहा कि बाहर लिखवा दीजिए कि यह लोकसेवक का आवास है। यह किसी की बपौती नहीं हो सकती। यह राजतंत्र नहीं है कि जो घर मिल गया, उसी में हमेशा रहेंगे।”

नीतीश कुमार का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद एक मई को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकारी आवास खाली कर दिया और दूसरे आवास में चले गए।उन्होंने इसके लिए नीतीश कुमार का धन्यवाद करते हुए कहा कि यही लोकतांत्रिक परंपरा और लोकसेवक की पहचान है।

“11 घर बदले, सिर्फ तीन में रहा”

सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि 1999 से अब तक उन्हें 11 सरकारी आवास आवंटित हुए, लेकिन उन्होंने उनमें से केवल तीन में ही निवास किया।उन्होंने कहा कि कई आवासों का उपयोग केवल कार्यालय के रूप में किया गया और पद छोड़ने के बाद उन्होंने कभी सरकारी आवास से मोह नहीं रखा।

“24 घंटे में आवास खाली कर दूंगा”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पार्टी और नेतृत्व उन्हें पद छोड़ने के लिए कहे, तो वह 24 घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली कर अपने निजी घर चले जाएंगे।उन्होंने कहा,”हम जनता की भलाई के लिए आए हैं, अपने कल्याण के लिए नहीं। लोकतंत्र में जनता सबसे महत्वपूर्ण है।”

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