कोलकाता: ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में धरना प्रदर्शन शुरू किया। हालिया विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों के विरोध में आयोजित इस धरने के दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।धरना शुरू करने से पहले ममता बनर्जी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शन स्थल के लिए रवाना होते समय उनके हाथ में भारतीय संविधान की प्रति भी दिखाई दी। यह धरना वाई चैनल क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है।
मंच और माइक की अनुमति नहीं मिलने का आरोप
धरना स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि प्रशासन ने मंच लगाने और माइक्रोफोन के उपयोग की अनुमति नहीं दी। उन्होंने टीएमसी नेताओं और सांसदों पर कथित हमलों को “तानाशाहीपूर्ण और अस्वीकार्य” करार दिया।उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे टीएमसी और अधिक मजबूत होकर उभरेगी।
टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का दावा
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी के 12 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हजारों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और कई लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं और पुलिस द्वारा कई मुद्दों पर आयोजित होने वाले धरनों को अनुमति नहीं दी जा रही है।
दिल्ली तक आंदोलन ले जाने की चेतावनी
टीएमसी प्रमुख ने कहा कि यदि कोलकाता में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती है तो उनकी पार्टी आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तारी से भी नहीं डरतीं और जहां रोका जाएगा, वहीं धरने पर बैठ जाएंगी।
