Uttar Pradesh: कचहरी में वकीलों के बीच खूनी संघर्ष में एक अधिवक्ता घायल, डीएम -एसपी दफ्तर के पास मची अफरा-तफरी

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में सोमवार की सुबह कचहरी परिसर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार के दो अधिवक्ता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पर फायरिंग कर दी, जिससे एक वकील गंभीर रूप से घायल हो गया। सनसनीखेज बात यह है कि यह वारदात जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर अंजाम दी गई।

तख्त पर बैठने को लेकर विवाद या पुरानी रंजिश?

मिली जानकारी के अनुसार, शहर के मोहल्ला कमलापुरी निवासी अधिवक्ता जितेंद्र राज सोमवार सुबह कचहरी में अपने तख्त पर बैठे थे। उनके पास ही उनके परिवार के ही विराट राज का भी तख्त है। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। सुबह किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच पहले हेल्मेट और लोहे की जंजीरों से जमकर मारपीट हुई। इसी बीच विराट राज के पक्ष की ओर से एक अधिवक्ता ने असलहा निकालकर फायर कर दिया।

गोली लगते ही लहूलुहान होकर गिरे जितेंद्र राज

गोली सीधे अधिवक्ता जितेंद्र राज को जा लगी, जिससे वह मौके पर ही खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। कचहरी जैसी सुरक्षित जगह पर दिनदहाड़े गोली चलने से वकीलों और वादकारियों के बीच भगदड़ मच गई। घायल जितेंद्र राज को आनन-फानन में जिला अस्पताल (मोतीपुर) ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वकील मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

भारी पुलिस बल तैनात, एसपी ख्याति गर्ग ने संभाला मोर्चा

कचहरी में गोलीबारी की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुँच गए। एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, एएसपी पवन गौतम, एएसपी सिटी विवेक तिवारी और शहर कोतवाल राजेश सिंह भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि विवाद की जड़ पारिवारिक रंजिश है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।कचहरी परिसर के भीतर हथियार पहुँचने और गोली चलने की इस घटना ने जिला प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वकीलों के बीच हुए इस संघर्ष से बार एसोसिएशन में भी रोष व्याप्त है।

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