इटावा : उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदपुरा गांव में शुक्रवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आसमान से एक बड़ा ड्रोन अचानक खेतों के पास आ गिरा। रिहायशी इलाके के करीब ड्रोन गिरते ही ग्रामीणों में डर और कौतूहल का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
तकनीकी खराबी या मौसम विभाग का परीक्षण?
शुरुआती जांच और अधिकारियों के बयान के अनुसार यह ड्रोन मौसम विभाग का बताया जा रहा है। अंदेशा है कि तकनीकी खराबी या सिग्नल टूटने के कारण यह अनियंत्रित होकर गिर गया। सैफई पुलिस ने ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। ड्रोन के डेटा और उसकी उड़ान के उद्देश्य की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग के विशेषज्ञों को सूचित किया गया है।
9 महीने पहले रामपुर में भी हुई थी ऐसी ही घटना
इटावा की इस घटना ने नौ महीने पहले रामपुर में हुए हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। तब तहसील के सामने मीना बाजार मार्ग पर एक सब्जी की दुकान के बाहर अचानक ड्रोन गिर गया था। रामपुर में भी ड्रोन गिरने के बाद भारी भीड़ जमा हो गई थी और एडिशनल एसपी समेत तमाम आला अधिकारियों को मौके पर दौड़ना पड़ा था। बार-बार इस तरह ड्रोन गिरने की घटनाओं ने तकनीकी सुरक्षा और रिहायशी इलाकों के ऊपर इनके संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों में चर्चाओं का बाजार गर्म
नंदपुरा गांव में ड्रोन गिरने के बाद घंटों तक लोगों का जमावड़ा लगा रहा। कुछ लोग इसे जासूसी से जोड़कर देख रहे थे, तो कुछ इसे कोई नया वैज्ञानिक उपकरण मान रहे थे। फिलहाल, प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है और ड्रोन के मलबे को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह ड्रोन कहाँ से उड़ा था और इसके गिरने की सटीक वजह क्या थी।
