
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां तिलवारा थाना क्षेत्र स्थित अर्णव विहार सोसाइटी में चोरों ने एक पुलिसकर्मी के घर को ही निशाना बना लिया। बदमाशों ने महज 24 मिनट के भीतर करीब 70 से 80 लाख रुपये के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया और फरार हो गए। बताया जा रहा है कि आरोपी स्पाइडरमैन जैकेट पहनकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिसकर्मी के घर को बनाया निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, अर्णव विहार सोसाइटी में रहने वाले प्रधान आरक्षक पदमधर मिश्रा, जो यातायात थाने में पदस्थ हैं, के घर में चोरी हुई है। घटना के समय घर में उनके बेटे राहुल मिश्रा और बहू मीनल मिश्रा रहते थे, जबकि प्रधान आरक्षक पुलिस लाइन के क्वार्टर में रहते हैं।बताया गया कि घटना के समय राहुल मिश्रा सिंगरौली और उनकी पत्नी मीनल मिश्रा रीवा गई हुई थीं, जिसके कारण घर खाली था। इसी मौके का फायदा उठाकर चोर देर रात घर में घुस गए।
रात करीब 2 बजे घर में घुसे चोर
जानकारी के अनुसार, चोर रात करीब 2 बजे घर का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। बदमाश सीधे बेडरूम में पहुंचे और वहां रखी अलमारी को निशाना बनाते हुए उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए।बताया जा रहा है कि चोर करीब 30 से 45 मिनट तक घर के अंदर रहे और आराम से वारदात को अंजाम देकर निकल गए।
70 से 80 लाख रुपये के जेवर चोरी
पीड़ित राहुल मिश्रा के अनुसार, घर से करीब 8 से 10 तोला सोना, चांदी की कई पायलें और अन्य कीमती सामान चोरी हो गया है। वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से चोरी हुए सामान की कीमत करीब 70 से 80 लाख रुपये बताई जा रही है।
बहू बोलीं – ‘मेरी सारी ज्वेलरी ले गए चोर’
पीड़िता मीनल मिश्रा ने बताया कि चोरी में उनके लगभग सभी जेवर चोरी हो गए। इसमें दो हार, तीन मंगलसूत्र, दो बेंदी, तीन जोड़ी झुमके, एक नथ, सात-आठ पायलें, चार-पांच अंगूठियां और अन्य आभूषण शामिल हैं।उन्होंने बताया कि घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सुबह करीब 4 बजे कैमरा चेक करने पर एक कैमरा बंद मिला। बाहर लगे कैमरे में मोशन डिटेक्शन के जरिए दिखा कि करीब 2 बजे कुछ लोग घर में घुसे थे।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल
पीड़ित परिवार ने पुलिस गश्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस सिर्फ मुख्य सड़क पर सायरन बजाते हुए निकल जाती है, लेकिन कॉलोनियों के अंदर नियमित गश्त नहीं होती। अगर कॉलोनी के अंदर गश्त होती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



