Madhya Pradesh: नौकरी का झांसा देकर 19 वर्षीय युवती का ₹2 लाख में सौदा, कोटा में बंधक बनाकर किया गया सामूहिक उत्पीड़न

जबलपुर : मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से मानव तस्करी का एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। एक 19 वर्षीय युवती को बेहतर भविष्य और नौकरी का सपना दिखाकर राजस्थान के कोटा में 2 लाख रुपये में बेच दिया गया। पीड़िता ने किसी तरह नरक भरी जिंदगी से भागकर अपनी जान बचाई और घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई।

आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर बिछाया जाल

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि घर की खराब आर्थिक स्थिति और मां की बीमारी के कारण वह काम की तलाश में थी। इसी दौरान कंचनपुर की एक कपड़े की दुकान पर उसकी मुलाकात शेख जावेद नाम के युवक से हुई।जब युवती ने दोबारा नौकरी मांगी, तो जावेद ने उसे पूनम नाम की महिला से मिलवाया। पूनम ने बेहतर काम का लालच देकर उसे उज्जैन पहुँचाया, जहाँ उसे ईश्वर नाम के शख्स के सुपुर्द कर दिया गया।आरोप है कि ईश्वर ने युवती को 15 दिनों तक एक कमरे में कैद रखा और फिर उसे राजस्थान के कोटा ले गया।

5 लाख से शुरू हुआ सौदा, 2 लाख में तय

कोटा पहुँचने पर गिरोह के अन्य सदस्य पारस ने युवती को अपने कब्जे में ले लिया। पीड़िता के अनुसार, बाहर ही उसकी खरीद-फरोख्त की बात चल रही थी। सौदा 2 लाख रुपये में तय होने के बाद, पारस उसे मंदिर ले गया और जबरन शादी कर ली। इसके बाद अगले दो महीनों तक उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया।

मौत के मुंह से निकलकर पहुंची घर

पीड़िता ने हार नहीं मानी और भागने की ताक में रही। चार दिन पहले मौका मिलते ही वह वहां से चकमा देकर निकली और ट्रेन पकड़कर सीधे जबलपुर पहुंची। घर पहुंचकर जब उसने अपनी मां को आपबीती बताई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। तत्काल पुलिस थाने में जाकर मामला दर्ज कराया गया।

संगठित गिरोह का शक

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।जांच अधिकारी सीएसपी राजेश्वरी कौरव के मुताबिक, मुख्य आरोपी जावेद और पूनम को गिरफ्तार कर लिया गया है।ईश्वर और पारस समेत अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें राजस्थान और उज्जैन के लिए रवाना की गई हैं।आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, सामूहिक दुष्कर्म और महिला उत्पीड़न की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

“प्रारंभिक जांच से यह एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह लग रहा है जो गरीब युवतियों को निशाना बनाता है। हम जल्द ही इस पूरे नेटवर्क के सरगना तक पहुँचेंगे।” — राजेश्वरी कौरव

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