पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में तीसरी कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई. मंत्री परिषद की इस बैठक में कुल 20 प्रस्ताव पर मुहर लगी. सीतामढ़ी में स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलकर अब माता-सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल करने का बुधवार (6 मई) को कैबिनेट में निर्णय लिया गया है. साथ ही राज के चयनित शहरी केंद्रों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं उत्पादक बनाने तथा एकत्रित शहरी आर्थिक क्षेत्र को विकास के लिए राज्य सरकार विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर की सहायता लेगी और बिहार अर्बन ट्रांसपोर्टेशन प्रोग्राम क्रियान्वयन किया जाएगा. इसकी स्वीकृति कैबिनेट की बैठक में ली गई है.
इन फैसलों पर लगी सीएम सम्राट की मुहर
राज्यपाल एवं राजपाल सचिवालय के पदाधिकारी के उपयोग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 6 नई मोटर वाहन की खरीदारी होगी. इसकी स्वीकृति कैबिनेट में मिल गई है. पटना एयरपोर्ट कैंपस से सटे पटना शहरी क्षेत्र अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र (वियाडा) की जमीन 1.85 एकड़ जो रास्ते के साथ है उसे राज्य सरकार ने भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को देने के लिए मंत्री परिषद में मुहर लगाई गई है.इस जमीन को प्राधिकरण को देने का निर्णय लिया गया है. भूमि का उपयोग एयरपोर्ट के आधारभूत संरचना एवं अन्य काम में किया जाएगा. इसके अलावा मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय में बिहार सरकार ने उद्योग लगाने को लेकर औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज को जून 2026 तक बढ़ा दिया है. नगर पालिका चुनाव में एआई वोटिंग सिस्टम का उपयोग करने के लिए राज्य सरकार ने हैदराबाद एजेंसी को काम करने की अनुमति दी है.
400 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी
भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के गंगा नदी के तट पर गंगापुर, भूसौलानंदपुर, दामोदरपुर को कटाव से बचाने को लेकर 52 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया में 400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन किए जाने को मंजूरी दी गई है. कैबिनेट ने सप्तम राज्य वित्त आयोग के कार्यकाल को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया है.कैबिनेट में बिहार राज्य विधान मंडल के दोनों सदस्य को राज्य सरकार के पदाधिकारी, कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षण की योजना को मंजूरी मिली है. अरवल में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने को लेकर जमीन देने की मंजूरी भेजी गई है. राज्य में बढ़ते मुकदमों को देखते हुए दरभंगा के बेनीपुर न्यायालय में 18 विभिन्न पदों की मंजूरी दी गई है. राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी सेवक एवं पेंशनधारियों को अब राज्य सरकार बैंक और वित्तीय संस्थानों से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के फैसले को मंजूरी दे दी है. शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने को लेकर भी जमीन की मंजूर मिल गई है.
