Uttar Pradesh: अखिलेश यादव ने चुनाव प्रबंधन कंपनी I-PAC से तोड़ा नाता, बोले- “बंगाल में भाजपा ने की यूपी जैसी वोट डकैती”

लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनकी पार्टी आई-पैक (I-PAC) के साथ काम नहीं करेगी। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला और इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया।

I-PAC से नाता टूटने की वजह: ‘फंड की कमी’

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अखिलेश यादव ने आई-पैक को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन अब यह गठबंधन टूट गया है।अखिलेश ने कहा “हाँ, हमारा संबंध उनसे था और कुछ महीनों तक उन्होंने हमारे साथ काम भी किया। लेकिन अब हम साथ काम नहीं कर पा रहे हैं। मुख्य वजह फंड की कमी है; हम इतने फंड नहीं दे सकते।”राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आई-पैक पर हालिया ईडी की छापेमारी भी इस दूरी की एक वजह हो सकती है, हालांकि अखिलेश ने आधिकारिक तौर पर केवल आर्थिक कारणों का ही हवाला दिया।

“ममता ने वो देखा, जो सपा 2022 में देख चुकी है”

बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की हार पर अखिलेश यादव ने भाजपा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने बंगाल में वही ‘वोट डकैती’ की है जो उन्होंने 2022 के यूपी चुनाव में कन्नौज की छिबरामऊ सीट पर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 और 2022 में एक विशेष जाति के अधिकारियों को तैनात कर फर्जी वोट डलवाए गए थे। यही फॉर्मूला बंगाल में भी अपनाया गया। उन्होंने यूपी के उपचुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रख दिया है।

ममता से मिलने बंगाल जाएंगे अखिलेश

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि ‘इंडिया गठबंधन’ और सपा का तालमेल पहले की तरह मजबूत रहेगा। सपा प्रमुख जल्द ही बंगाल जाएंगे और ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सभी साथी एकजुट हैं।अखिलेश ने भाजपा को ‘ड्राईक्लीन की दुकान’ बताते हुए कहा कि ईडी और सीबीआई के आंकड़े बताते हैं कि भाजपा अपने विरोधियों को डराने के लिए इन संस्थाओं का इस्तेमाल करती है।

2027 की रणनीति और ‘चंदा’ अभियान

अखिलेश यादव ने आगामी यूपी चुनाव 2027 को लेकर आत्मविश्वास जताया।उन्होंने दावा किया कि 2027 में (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा और जनता खुद चुनाव लड़ेगी।अखिलेश ने कहा कि वे भी राम मंदिर की तर्ज पर केदारेश्वर मंदिर के लिए पत्र लिखकर चंदा मांगेंगे। उन्होंने कहा, “भगवान सबके हैं, किसी एक पार्टी की जागीर नहीं।”

कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश

प्रेस वार्ता के अंत में अखिलेश ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि वे मीडिया से ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ कोई बात न करें, ताकि पार्टी की रणनीति और एकता पर कोई आंच न आए।

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