Jharkhand: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सपरिवार मनाया प्रकृति पर्व सरहुल, पत्नी कल्पना के साथ पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे सरना स्थल

रांची : झारखंड की राजधानी रांची में आज प्रकृति पर्व ‘सरहुल’ की भव्य छटा देखने को मिली। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ पूरी तरह पारंपरिक रंग में रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री ने सिरमटोली स्थित मुख्य सरना स्थल पहुंचकर विधि-विधान से प्रकृति की पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली की कामना की।

पारंपरिक वेशभूषा में दिखा सोरेन परिवार

मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने इस विशेष अवसर पर झारखंड की संस्कृति को दर्शाते हुए सफेद और लाल रंग के पारंपरिक वस्त्र धारण किए थे।विधायक कल्पना सोरेन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से सोरेन परिवार की खूबसूरत तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें मुख्यमंत्री, कल्पना सोरेन और उनके दोनों बच्चे नजर आ रहे हैं।इन तस्वीरों में सोरेन परिवार का प्रकृति और अपनी जड़ों के प्रति गहरा जुड़ाव साफ झलक रहा है, जिसे सोशल मीडिया पर लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

प्रकृति और मानव जीवन के संतुलन का संदेश

सरहुल के अवसर पर प्रदेशवासियों को जोहार कहते हुए मुख्यमंत्री ने इस पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा “सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच अटूट रिश्ते का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जल, जंगल और जमीन के साथ संतुलन बनाकर ही एक समृद्ध भविष्य का निर्माण संभव है।”

‘जोहार’ और ‘जय झारखंड’ के साथ दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से भी राज्यवासियों को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि सरहुल का यह पावन अवसर सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली लेकर आए। उनके संदेश का समापन “जोहार” और “जय झारखंड” के साथ हुआ।

सरना स्थलों पर उमड़ा जनसैलाब

राजधानी के सिरमटोली सहित विभिन्न सरना स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक रीति-रिवाजों, ढोल-नगाड़ों और मांदर की थाप पर झूमते श्रद्धालुओं ने साल (सखुआ) के वृक्ष की पूजा की और नए फल-फूलों का स्वागत किया।

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